तरनतारन: जेल से बाहर आने के बाद कंचनप्रीत कौर के हौसले बुलंद, किया जिला परिषद चुनाव लड़ने का एलान
अकाली दल की नेता कंचनप्रीत कौर रंधावा को कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया। रिहाई के बाद कंचनप्रीत ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया। अकाली दल ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें दबाने के लिए झूठे केस दर्ज करवा रही है। विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि कंचनप्रीत कौर जिला परिषद चुनाव में शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार होंगी।

कंचनप्रीत कौर रंधावा लड़ेंगी जिला परिषद चुनाव (फोटो: जागरण)
धर्मवीर सिंह मल्हार, तरनतारन। बुधवार रात को झबाल थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई अकाली नेता कंचनप्रीत कौर रंधावा को JMIC पंकज वर्मा की कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजने के बजाय रविवार सुबह 4:02 बजे रिहा करने का आदेश दिया।
रिहा होने के बाद कंचनप्रीत कौर ने कहा कि आज इतिहास में शायद की एक बड़ी जीत दर्ज हुई है। क्योंकि एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार अकालियों को दबाने के लिए झूठे केस दर्ज करवा रही है और दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल ने बहुत समझदारी से काम लेते हुए कानूनी लड़ाई लड़ी जिसमें हमें जीत मिली।
इस मौके पर अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि कंचनप्रीत कौर रंधावा को गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार करके अकाली दल का हौसला तोड़ने की कोशिश की गई है।
हालांकि, पुलिस इसमें पूरी तरह फेल रही है। पंजाब हाई कोर्ट ने जहां सरकार के कहने पर कंचनप्रीत कौर की गैर-कानूनी गिरफ्तारी को झूठा करार दिया है, वहीं स्थानीय कोर्ट ने भी इंसाफ दिया है।
वल्टोहा ने कहा कि कंचनप्रीत कौर रंधावा जिला परिषद चुनाव में तरनतारन के जोन कसेल से शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार होंगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आज के फैसले से तरनतारन पुलिस के वे अधिकारी सुन्न हो गए हैं जो सरकार के कहने पर गैर-कानूनी तरीके से केस दर्ज करते आए हैं।
एडवोकेट डीएस सोबती, अर्शदीप सिंह क्लेर, गौरवदीप सिंह वल्टोहा, दीपक अरोड़ा, जेएस ढिल्लो ने कहा कि आज अदालत के फैसले ने जहां कंचनप्रीत कौर को राहत दी।वहीं लोगों का न्याय प्रणाली बाबत यकीन बड़ा है।

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