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    Video: सुबह चार बजे आया अदालत का फैसला, शिअद उम्मीदवार की बेटी कंचनप्रीत रिहा

    By Dharamveer MalharEdited By: Anup Tiwari
    Updated: Sun, 30 Nov 2025 07:13 AM (IST)

    तरनतारन उपचुनाव मामले में अदालत ने कंचनप्रीत कौर को रिहा करने का आदेश दिया है। देर रात तक चली सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया गया। यह फैसला मामले में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय सुनाया।

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    सुबह चार बजे आया रिहाई का आदेश।

    धर्मवीर मल्हार, तरनतारन। पुलिस की ओर से शुक्रवार को गिरफ्तार की गई तरनतारन उपचुनाव में शिअद उम्मीदवार सुखविंदर कौर की बेटी कंचनप्रीत कौर का मामला शनिवार को उस समय चर्चा का विषय बन गया जब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी को गलत करार दे दिया।

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    इसके साथ ही हाई कोर्ट ने तरनतारन के जेएमआइसी पंकज वर्मा की अदालत को आदेश दिया कि वह रात को ही इस मामले की सुनवाई करे कि उसे रिमांड पर दिया जा सकता है या नहीं। रात करीब 9:40 बजे अदालत में शुरू हुई सुनवाई देर रात दो बजे तक चली। तड़के सुबह चार बजे अदालत का निर्णय आया और कंचनप्रीत को रिहा कर दिया गया।

    देर रात तक चली सुनवाई

    तरनतारन के इतिहास में यह पहला मामला है जब कोई सुनवाई हाई कोर्ट के आदेश पर देर रात तक चली हो। सुनवाई के दौरान शिअद के पांच वकील कंचनप्रीत के बचाव पक्ष के रूप में मौजूद थे, जबकि सरकार की ओर से चंडीगढ़ से डिप्टी एडवोकेट जनरल विशेष रूप से रात को ही अदालत पहुंचे थे।

    हाल ही में तरनतारन विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की ओर से प्रत्याशी बनाई गई सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी कंचनप्रीत के खिलाफ उपचुनाव के दौरान पुलिस ने करीब चार केस दर्ज किए थे। इनके खिलाफ कंचनप्रीत ने स्थानीय अदालत में याचिका दाखिल की थी।

    कोर्ट ने कंचनप्रीत को अग्रिम जमानत देते हुए पुलिस जांच में पेश होने के लिए कहा था। शुक्रवार को कंचनप्रीत जब जांच में शामिल होने के लिए मजीठा थाने पहुंची तो छह घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पति विदेश में रहते अमृतपाल के खिलाफ चुनाव के दौरान मतदाताओं को धमकाने के आरोप में दर्ज मामले में शुक्रवार को ही नामजद कर गिरफ्तारी दिखाई।

    पुलिस का दावा है कि कंचनप्रीत अपने पति की ओर से चलाए जा रहे गिरोह की सक्रिय सदस्य है। उसके पति अमृतपाल सिंह के खिलाफ 17 के करीब केस दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, यूएपीए और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप हैं।

    यह है मामला

    विधानसभा हलका तरनतारन के उपचुनाव दौरान थाना झब्बाल की पुलिस द्वारा शिअद प्रत्याशी सुखविंदर कौर रंधावा के दामाद अमृतपाल सिंह बाठ के खिलाफ वोटरों को धमकाने बाबत मुकदमा नंबर 208 दर्ज किया गया था। इसमें एक अज्ञात का भी उल्लेख है। इस मामले में अमृतपाल सिंह बाठ की पत्नी कंचनप्रीत कौर रंधावा को शुक्रवार की शाम थाना मजीठा से गिरफ्तार कर लिया गया।

    इसके बाद शिअद के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर द्वारा पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जस्टिस राजेश भारद्वाज ने सुनवाई करते हुए तरनतारन के इलाका मेजिस्ट्रेट-कम-जेएमआइसी (पंकज वर्मा) को आदेश दिया कि रात को ही सुनवाई करके फैसला लिया जाए कि रिमांड देना है या नहीं।

    शिअद की तरफ से अदालत में केस लड़ रहे एडवोकेट पैनल के सदस्य दीपक अरोड़ा, गौरवदीप सिंह वल्टोहा ने दैनिक जागरण को बताया कि हाई कोर्ट के माननीय जस्टिस राजेश भारद्वाज ने कंचनप्रीत कौर रंधावा के खिलाफ गैर-जमानती धाराएं लगाने की कार्रवाई को गलत करार दिया है।