विराट रामायण मंदिर में स्थापित होगा दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग, इस दिन होगा 'महादेव' का भव्य अभिषेक
बिहार के चकिया-केसरिया पथ पर स्थित विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग (World's largest shivling Bihar) की स्थापना होगी। माघ ...और पढ़ें

Viraat Ramayan Mandir: विराट रामायण मंदिर का इतिहास (Image Source: AI-Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारतवर्ष के लिए 17 जनवरी का दिन बेहद खास रहने वाला है। इस दिन बिहार के चकिया-केसरिया पथ पर कैथवलिया में निर्मित विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इस शुभ अवसर पर देवों के देव महादेव का भव्य अभिषेक (January 17 Mahadev abhishek) किया जाएगा। इससे पूर्व बड़ी संख्या में भक्तजन विराट रामायण मंदिर पंहुचकर देवों के देव महादेव की पूजा और भक्ति कर रहे हैं।

विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना के लिए लगभग पूरी तैयारी हो चुकी है। वहीं, भगवान शिव की पूजा और अभिषेक के लिए महाभव्य तैयारी की जा रही है। ज्योतिषियों की मानें तो माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। आइए, शिवलिंग के बारे में सबकुछ जानते हैं-
कब की जाएगी स्थापना? (Virat Ramayan Mandir installation)
17 जनवरी को बिहार के चकिया-केसरिया पथ पर कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। हिंदी पंचांग से 17 जनवरी को माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है।
शिवलिंग स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषियों की मानें तो मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं। उत्तरायण की अवधि देवताओं के लिए दिन का समय है। इस दौरान प्रकाश में वृद्धि होने लगती है। इसी दिन से युगारंभ भी होता है। इसके लिए विराट रामायण मंदिर में विशाल शिवलिंग की स्थापना मकर संक्रांति के बाद की जा रही है। इस दिन माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। 17 जनवरी को मूल और पूर्वाषाढा नक्षत्र का संयोग है।
शिवलिंग की विशेषता
विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाले विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग (world’s largest shivling) की ऊंचाई 33 फीट है। वहीं, शिवलिंग की चौड़ाई भी 33 फीट है। इस शिवलिंग का वजन 210 टन है। इस शिवलिंग में 1008 शिवलिंग होंगे। शिवलिंग के आधार पीठ की लंबाई 36 फीट है। शिंवलिंग स्थापित होने के बाद आधार पीठ की लंबाई 56 फीट हो जाएगी। आधार पीठ को तैयार होने में दो साल का समय लगा है। शिवलिंग का निर्माण तमिलनाड़ू के महाबलीपूरम में हुआ है। 47 दिनों की यात्रा के बाद शिवलिंग कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर पहुंचा है।
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