Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सिर्फ 11 बार बोलने से दूर होगा हर डर, जानें हनुमान जी के इस गुप्त मंत्र की महिमा

    Updated: Tue, 03 Feb 2026 12:00 PM (IST)

    क्या आपके मन में अनजाना डर बना रहता है? हनुमान जी के इस अत्यंत प्रभावशाली और गुप्त मंत्र की महिमा जानें, जिसे सिर्फ 11 बार बोलने से बड़े से बड़ा संकट ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    हनुमान जी का प्रभावशाली और गुप्त मंत्र (Image Source: AI-Generated)

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मन में अनजाना डर हो, करियर की चिंता हो या फिर रात को अकेले चलने का खौफ, डर इंसान को अंदर से बहुत कमजोर बना देता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि हमारी सनातन परंपरा में एक ऐसा गुप्त मंत्र है जिसे महज 11 बार पूरी श्रद्धा के साथ जपने पर बड़े से बड़ा डर गायब हो जाता है?

    संकट मोचन ही क्यों?

    हनुमान जी को 'संकट मोचन' कहा जाता है। इसका अर्थ है- संकट को जड़ से मिटाने वाला। पौराणिक मान्यताओं और रामचरितमानस के सुंदरकांड के प्रसंगों के अनुसार, जब-जब भक्तों पर भारी विपत्ति आई है, हनुमान जी ने अपनी असीमित शक्ति से उसे पल भर में दूर मिटा दिया है।

    धार्मिक विद्वानों और पुराणों के जानकारों का मानना है कि हनुमान जी की ऊर्जा 'जागृत' है, यानी वे इस कलयुग में भी अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं।

    'गुप्त मंत्र' और उसकी शक्ति

    वैसे तो हनुमान चालीसा की हर चौपाई मंत्र के समान है, लेकिन डर को दूर करने के लिए विशेष रूप से इस मंत्र का जाप अत्यंत प्रभावशाली माना गया है:

    "अंजनीगर्भ संभूतं कपीन्द्रं सचिवोत्तमम्। रामप्रियं नमस्तुभ्यं हनुमन् रक्ष सर्वदा॥"

    इसका अर्थ है: "माता अंजनी के गर्भ से उत्पन्न, वानरों के राजा और प्रभु श्री राम के प्रिय हनुमान जी, मैं आपको नमन करता हूं। कृपया हर डर से मेरी रक्षा करें।" हनुमान बाहुक में स्पष्ट रूप से इसका उल्लेख मिलता है।

    Hanuman Ji Niyam

    (Image Source: AI-Generated)

    कैसे करें जाप?

    • शांत मन से बैठ जाएं और आंखें बंद करें।
    • विनय पत्रिका जैसे ग्रंथों में भी उल्लेख मिलता है कि जो व्यक्ति हनुमान जी के चरणों में शरणागत होता है, काल भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

    11 बार बोलने का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक तर्क

    अंक 11 को अध्यात्म में बहुत शुभ माना गया है क्योंकि हनुमान जी स्वयं शिव के 11वें रुद्रावतार हैं। जब आप 11 बार मंत्र बोलते हैं, तो आपके मस्तिष्क में एक खास तरह का 'वाइब्रेशन' पैदा होता है। यह एकाग्रता बढ़ाता है और 'कोर्टिसोल' (स्ट्रेस हार्मोन) के लेवल को कम करके आपके अंदर साहस का संचार करता है।

    प्राचीन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मंगल या शनि भारी हों और मन अशांत रहे, तब यह गुप्त मंत्र एक ढाल की तरह काम करता है।

    यह भी पढ़ें- Shaniwar Ke Upay: क्या है बजरंग बाण पढ़ने की सही विधि? शनिवार को इन नियमों से पाठ करने से मिलता है दोगुना फल

    यह भी पढ़ें- Mangalwar Puja Tips: राम भक्त हनुमान की पूजा में अपनाएं ये विधि, प्रभु की कृपा से दूर होंगे सभी कष्ट

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।