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    Ganesh Chaturthi 2026: इन दिव्य मंत्रों के जप से करें गणपति बप्पा को प्रसन्न, खुशियां खुद चलकर आएंगी आपके द्वार

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 10:00 PM (IST)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गौरी गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा करने से सुख, ...और पढ़ें

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    Ganesh Chaturthi 2026: गणपति बप्पा को कैसे प्रसन्न करें?

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार 22 जनवरी को गौरी गणेश चतुर्थी है। यह पर्व हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भक्ति भाव से जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त चतुर्थी तिथि का व्रत रखा जाता है।

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    धार्मिक मत है कि भगवान गणेश की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृ्द्धि होती है। साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। अगर आप भी सुख और सौभाग्य में वृद्धि पाना चाहते हैं, तो चतुर्थी तिथि पर भक्ति भाव से गौरीगणेश की पूजा करें। साथ ही पूजा के समय इन मंत्रों का जप करें।

    गणेश मंत्र

    1. ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ ।
    निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥

    2. ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥

    3. 'गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
    नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।
    धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
    गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।

    4. ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।


    5. दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
    धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥

    6. ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नम:।।

    7. “ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं चिरचिर गणपतिवर वर देयं मम वाँछितार्थ कुरु कुरु स्वाहा ।”

    8. गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः ।
    द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः ॥
    विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः ।
    द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्‌ ॥
    विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत्‌ क्वचित्‌ ।

    9. ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।

    10. ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
    शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।