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    Mauni Amavasya के दिन करें मां गंगा के इन मंत्रों का जप, बरसेगी पितरों की कृपा, घर में आएगी सुख-समृद्धि

    Updated: Sun, 11 Jan 2026 01:30 PM (IST)

    सनातन धर्म में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2026) का विशेष महत्व है। इस दिन श्री हरि की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही पूर्वजों को मोक्ष की प्र ...और पढ़ें

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    Mauni Amavasya 2026: कैसे करें मां गंगा को प्रसन्न? (AI Generated Image)

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2026 Date) मनाई जाएगी। इस दिन साधक गंगा स्नान कर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करते हैं और पितरों को तर्पण करते हैं। साथ ही विशेष चीजों किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान कर मां गंगा के मंत्रों का जप करने से जातक को सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है। साथ ही मां गंगा की कृपा से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

    मौनी अमावस्या 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Mauni Amavasya 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, 18 जनवरी (Kab Hai Mauni Amavasya 2026) को मनाई जाएगी।
    माघ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत- 18 जनवरी को देर रात 12 बजकर 03 मिनट पर
    माघ माह की अमावस्या तिथि का समापन- 19 जनवरी को देर रात 01 बजकर 21 मिनट पर

    मां गंगा के 108 नाम

    1. ॐ गंगायै नमः

    2. ॐ विष्णुपादसंभूतायै नमः

    3. ॐ हरवल्लभायै नमः

    4. ॐ हिमाचलेन्द्रतनयायै नमः

    5. ॐ गिरिमण्डलगामिन्यै नमः

    6. ॐ तारकारातिजनन्यै नमः

    7. ॐ ओंकाररूपिण्यै नमः

    8. ॐ अनलायै नमः

    9. ॐ क्रीडाकल्लोलकारिण्यै नमः

    10. ॐ स्वर्गसोपानशरण्यै नमः

    11. ॐ सर्वदेवस्वरूपिण्यै नमः

    12. ॐ अंबःप्रदायै नमः

    13. ॐ सगरात्मजतारकायै नमः

    14. ॐ सरस्वतीसमयुक्तायै नमः

    15. ॐ सुघोषायै नमः

    16. ॐ सिन्धुगामिन्यै नमः

    17. ॐ भागीरत्यै नमः

    18. ॐ भाग्यवत्यै नमः

    19. ॐ भगीरतरथानुगायै नमः

    20. ॐ त्रिविक्रमपदोद्भूतायै नमः

    21. ॐ त्रिलोकपथगामिन्यै नमः

    22. ॐ क्षीरशुभ्रायै नमः

    23. ॐ नरकभीतिहृते नमः

    24. ॐ अव्ययायै नमः

    25. ॐ नयनानन्ददायिन्यै नमः

    26. ॐ नगपुत्रिकायै नमः

    27. ॐ निरञ्जनायै नमः

    28. ॐ नित्यशुद्धायै नमः

    29. ॐ उमासपत्न्यै नमः

    30. ॐ शुभ्राङ्गायै नमः

    31. ॐ श्रीमत्यै नमः

    32. ॐ धवलांबरायै नमः

    33. ॐ आखण्डलवनवासायै नमः

    34. ॐ कंठेन्दुकृतशेकरायै नमः

    35. ॐ अमृताकारसलिलायै नमः

    36. ॐ लीलालिंगितपर्वतायै नमः

    37. ॐ विरिञ्चिकलशावासायै नमः

    38. ॐ त्रिवेण्यै नमः

    39. ॐ पुरातनायै नमः

    40. ॐ पुण्यायै नमः

    41. ॐ पुण्यदायै नमः

    42. ॐ पुण्यवाहिन्यै नमः

    43. ॐ पुलोमजार्चितायै नमः

    44. ॐ भूदायै नमः

    45. ॐ पूतत्रिभुवनायै नमः

    46. ॐ जयायै नमः

    47. ॐ जंगमायै नमः

    48. ॐ जंगमाधारायै नमः

    49. ॐ जलरूपायै नमः

    50. ॐ जगद्धात्र्यै नमः

    51. ॐ जगद्भूतायै नमः

    52. ॐ जनार्चितायै नमः

    53. ॐ जह्नुपुत्र्यै नमः

    54. ॐ नीरजालिपरिष्कृतायै नमः

    55. ॐ सावित्र्यै नमः

    56. ॐ सलिलावासायै नमः

    57. ॐ सागरांबुसमेधिन्यै नमः

    58. ॐ रम्यायै नमः

    59. ॐ बिन्दुसरसे नमः

    60. ॐ अव्यक्तायै नमः

    61. ॐ अव्यक्तरूपधृते नमः

    62. ॐ जगन्मात्रे नमः

    63. ॐ त्रिगुणात्मकायै नमः

    64. ॐ संगत अघौघशमन्यै नमः

    65. ॐ भीतिहर्त्रे नमः

    66. ॐ शंखदुंदुभिनिस्वनायै नमः

    67. ॐ भाग्यदायिन्यै नमः

    68. ॐ नन्दिन्यै नमः

    69. ॐ शीघ्रगायै नमः

    70. ॐ शरण्यै नमः

    71. ॐ शशिशेकरायै नमः

    72. ॐ शाङ्कर्यै नमः

    73. ॐ शफरीपूर्णायै नमः

    74. ॐ भर्गमूर्धकृतालयायै नमः

    75. ॐ भवप्रियायै नमः ।

    76. ॐ सत्यसन्धप्रियायै नमः

    77. ॐ हंसस्वरूपिण्यै नमः

    78. ॐ भगीरतभृतायै नमः

    79. ॐ अनन्तायै नमः

    80. ॐ शरच्चन्द्रनिभाननायै नमः

    81. ॐ दुःखहन्त्र्यैनमः

    82. ॐ शान्तिसन्तानकारिण्यै नमः

    83. ॐ दारिद्र्यहन्त्र्यै नमः

    84. ॐ शिवदायै नमः

    85. ॐ संसारविषनाशिन्यै नमः

    86. ॐ प्रयागनिलयायै नमः

    87. ॐ श्रीदायै नमः

    88. ॐ तापत्रयविमोचिन्यै नमः

    89. ॐ शरणागतदीनार्तपरित्राणायै नमः

    90. ॐ सुमुक्तिदायै नमः

    91. ॐ पापहन्त्र्यै नमः

    92. ॐ पावनाङ्गायै नमः

    93. ॐ परब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः

    94. ॐ पूर्णायै नमः

    95. ॐ जंभूद्वीपविहारिण्यै नमः

    96. ॐ भवपत्न्यै नमः

    97. ॐ भीष्ममात्रे नमः

    98. ॐ सिक्तायै नमः

    99. ॐ रम्यरूपधृते नमः

    100. ॐ उमासहोदर्यै नमः

    101. ॐ बहुक्षीरायै नमः

    102. ॐ क्षीरवृक्षसमाकुलायै नमः

    103. ॐ त्रिलोचनजटावासायै नमः

    104. ॐ ऋणत्रयविमोचिन्यै नमः

    105. ॐ त्रिपुरारिशिरःचूडायै नमः

    106. ॐ जाह्नव्यै नमः

    107. ॐ अज्ञानतिमिरापहृते नमः

    108. ॐ शुभायै नमः

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