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    Aaj ka Panchang 30 November 2025: आज है मार्गशीर्ष माह की दशमी तिथि, बन रहे ये शुभ-अशुभ योग, पढ़ें पंचांग

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 06:00 AM (IST)

    Aaj ka Panchang 30 नवंबर 2025 के अनुसार, आज यानी 30 नवंबर को कई योग बन रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि इन योग में सूर्य देव की पूजा करने से शुभ फल मिलता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज का पंचांग।

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    Aaj ka Panchang 30 November 2025: आज का पंचांग 

    आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज यानी 30 नवंबर को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। इस तिथि पर रविवार पड़ रहा है। सनातन धर्म में यह दिन सूर्य देव को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि रविवार के दिन सूर्य देव की साधना करने से कारोबार में वृद्धि होती है और करियर में तरक्की होगी। इस दिन कई योग भी बन रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 30 November 2025) के बारे में।

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    surya dev  (13)

    तिथि: शुक्ल दशमी
    मास पूर्णिमांत: मार्गशीर्ष
    दिन: रविवार
    संवत्: 2082

    तिथि: शुक्ल दशमी – रात्रि 09 बजकर 29 मिनट तक
    योग: वज्र – प्रातः 07 बजकर 12 मिनट तक
    योग: सिद्धि – 01 दिसंबर को 04 बजकर 22 मिनट तक
    करण: तैतिल – प्रातः 10 बजकर 27 मिनट तक
    करण: गरज – रात्रि 09 बजकर 29 मिनट तक

    सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

    सूर्योदय: प्रातः 06 बजकर 56 मिनट पर
    सूर्यास्त: सायं 05 बजकर 24 मिनट पर
    चंद्रोदय: दोपहर 01 बजकर 49 बजकर पर
    चंद्रास्त: 01 दिसंबर को रात्रि 02 बजकर 36 मिनट पर

    सूर्य राशि: वृश्चिक
    चन्द्रमा की राशि: मीन

    आज के शुभ मुहूर्त

    अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक
    अमृत काल: सायं 08 बजकर 37 मिनट से रात्रि 10 बजकर 08 मिनट तक

    आज के अशुभ समय

    राहुकाल: सायं 04 बजकर 05 मिनट से सायं 05 बजकर 24 मिनट तक
    गुलिकाल: दोपहर 02 बजकर 47 मिनट से सायं 04 बजकर 05 मिनट तक
    यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक

    आज का नक्षत्र

    आज चंद्रदेव उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में रहेंगे।
    उत्तरभाद्रपद नक्षत्र: प्रातः 01:11 बजे (01 दिसंबर) तक
    सामान्य विशेषताएं: क्रोधी, स्थिर मन, अनुशासनप्रिय, आक्रामक, गंभीर व्यक्तित्व, उदार, मिलनसार, दानशील, ईमानदार, कानून का पालन करने वाले, अहंकारी और बुद्धिमान
    नक्षत्र स्वामी: केतु देव
    राशि स्वामी: बृहस्पति देव
    देवता: निरति (विनाश की देवी)
    प्रतीक: पेड़ की जड़े

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    यह दैनिक पंचांग Astropatri.com के सौजन्य से प्रस्तुत है. सुझाव व प्रतिक्रियाओं के लिए hello@astropatri.com पर ईमेल करें।