Chaitra Navratri Day 9: आज होगी मां सिद्धिदात्री की उपासना, जानें देवी की पूजा से जुड़ी सभी बातें
नवरात्र का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से सभी कामों में सफलता मिलती है। कहते हैं कि जो लोग इस दौरान (Chaitra Navratri 2025 Day 9) कठिन व्रत रखते हैं उन्हें जगदंबा पूर्ण आशीर्वाद मिलता है। वहीं इस दिन कन्या पूजन का भी महत्व है तो चलिए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चैत्र नवरात्र के नौवें और अंतिम दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियों और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली देवी हैं। इस साल चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि (Chaitra Navratri 2025 Day 9) आज यानी 6 अप्रैल को मनाई जा रही है।
इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को यश, बल और धन की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जीवन में खुशहाली आती है।
ऐसा है मां सिद्धिदात्री का स्वरूप ( Devi Siddhidatri Swaroop)
देवी सिद्धिदात्री कमल के आसन पर विराजमान हैं और उनके चार भुजाएं हैं। मां अपने दाहिने हाथों में चक्र और गदा धारण करती हैं। वहीं बाएं हाथ में में देवी शंख और कमल का फूल धारण करती हैं। मां सिद्धिदात्री की आराधना से अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व आदि आठ सिद्धियों की प्राप्ति होती है।
मां सिद्धिदात्री की पूजा का मुहूर्त (Chaitra Navratri 2025 Day 9 Puja Muhurat)
नवमी तिथि पर रवि योग, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ऐसे में आप इस पूरे दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा कभी भी कर सकते हैं।
मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि (Chaitra Navratri 2025 Day 9 Puja Vidhi)
- सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
- एक वेदी पर मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा स्थापित करें।
- पूजा शुरू करने से पहले हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लें।
- मां सिद्धिदात्री का ध्यान करते हुए उनका आह्वान करें।
- मां की प्रतिमा को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएं।
- उन्हें रोली, मौली, हल्दी, कुमकुम और अक्षत आदि चीजें अर्पित करें।
- मां को नीले रंग के वस्त्र या चुनरी अर्पित करें।
- उन्हें फूल और मालाएं चढ़ाएं।
- धूप और दीप से देवी की भव्य आरती करें।
- पूजा के दौरान इन मंत्रों "ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥" या "या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥" का जाप करें।
- दुर्गा सप्तशती के नवम अध्याय का पाठ करें या मां सिद्धिदात्री की कथा सुनें।
- मां को हलवा, पूरी, चना और खीर का भोग लगाएं।
- अंत में पूजा में हुई सभी गलतियों के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
देवी का प्रिय भोग (Chaitra Navratri 2025 Day 9 Bhog)
मां सिद्धिदात्री को हलवा, पूरी, काले चने और खीर आदि चीजें चढ़ा सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां को यह भोग बेहद प्रिय हैं। नवमी के दिन कन्या पूजन का भी विशेष महत्व होता है, जिसमें नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है और उन्हें भोजन कराया जाता है।
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