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    Durva Ashtami 2025: किस दिन मनाई जाएगी दूर्वा अष्टमी? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और योग

    Updated: Tue, 12 Aug 2025 04:50 PM (IST)

    हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी (Radha Ashtami 2025) मनाई जाती है। यह दिन जगत की देवी श्रीराधा रानी को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर राधा रानी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है।

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    Durva Ashtami 2025: दूर्वा अष्टमी का धार्मिक महत्व

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भाद्रपद का महीना बेहद खास होता है। इस महीने में कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। इनमें कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, राधा अष्टमी और अनंत चतुर्दशी प्रमुख हैं। कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। वहीं, राधा अष्टमी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

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    इसके साथ ही भाद्रपद महीने में दूर्वा अष्टमी का पर्व भी मनाया जाता है। यह दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। आइए, दूर्वा अष्टमी की सही डेट, शुभ मुहूर्त (Durva Ashtami 2025 Date) और योग जानते हैं।

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    दूर्वा अष्टमी 2025 डेट और शुभ मुहूर्त (Durva Ashtami 2025 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 30 अगस्त को देर रात 10 बजकर 46 मिनट पर होगी। वहीं, 31 अगस्त को देर रात 12 बजकर 57 मिनट पर अष्टमी तिथि का समापन होगा। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इस प्रकार 31 अगस्त को दूर्वा अष्टमी मनाई जाएगी।

    दूर्वा अष्टमी शुभ योग (Durva Ashtami 2025 Shubh Yog)

    भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर अनुराधा नक्षत्र का संयोग शाम 05 बजकर 27 मिनट तक है। इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग है। इस शुभ अवसर पर भद्रावास योग का निर्माण हो रहा है। भद्रावास योग दिन में 11 बजकर 54 मिनट तक है। इस दौरान भद्रा स्वर्ग में रहेंगी। भद्रा के स्वर्ग में रहने के दौरान पृथ्वी वासियों का कल्याण होता है। 

    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 19 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 55 मिनट पर
    • चंद्रोदय- दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से...
    • चन्द्रास्त- रात 10 बजकर 52 मिनट तक
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 03 बजकर 48 मिनट से 04 बजकर 33 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 01 बजकर 43 मिनट से 02 बजकर 33 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 55 मिनट से 06 बजकर 17 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात 11 बजकर 14 मिनट से 12 बजे तक

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।