Gita Updesh: इन तरह के लोगों से कभी न करें दोस्ती, हमेशा मिलेगा दुख और तनाव
श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए उपदेश से आपको जीवन में सही मार्गदर्शन मिल सकता है। गीता के ये श्लोक आज भी प्रासंगिक बने हुए हैं जो लोगों को सही दिशा में दिखाने का काम भी करते हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनसे कभी दोस्ती नहीं करनी चाहिए।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को युद्ध भूमि में दिया गए उपदेश, श्रीमद्भागवत गीता में निहित हैं। दोस्ती हमेशा सोच-समझकर करनी चाहिए, क्योंकि दोस्ती आपके जीवन को सुधार भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है। गीता में बताया गया है कि अगर आप इन लोगों से दोस्ती करते हैं, तो इससे आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।
बढ़ सकता है तनाव
गीता के अनुसार, व्यक्ति को कभी भी ऐसे इंसान से दोस्ती नहीं करनी चाहिए, जो अभिमान से भरा हुआ हो। क्योंकि ऐसा व्यक्ति हमेशा खुद को ही श्रेष्ठ समझता है और दूसरों को नीचा दिखाता रहता है। न ही ऐसा व्यक्ति कभी किसी की बात नहीं सुनता है। ऐसे में अगर आप इस तरह के व्यक्ति से दोस्ती करते हैं, तो इससे केवल आपका तनाव बढ़ता है।
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ऐसे व्यक्ति से भी रहें दूर
मूर्ख व्यक्ति बिना सोचे-समझे ही निर्णय ले लेता है। ऐसे में इस तरह का व्यक्ति अपने साथ-साथ दूसरों को भी मुसीबत में डाल देता है। इसलिए गीत में कहा गया है कि मुर्ख व्यक्ति से भी कभी दोस्ती नहीं करनी चाहिए। क्योंकि ऐसा व्यक्ति सिर्फ आपकी मुश्किलें बढ़ाता है।
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चला जाएगा जीवन का सुख-चैन
गीता उपदेश में यह कहा गया है कि व्यक्ति को कभी ऐसे इंसान से भी मित्रता नहीं करनी चाहिए, जो गुस्से से भरा हुआ हो। क्रोधी व्यक्ति का मन हमेशा अशांत रहता है और वह बात-बात पर गुस्सा हो जाता है। इस तरह के लोगों से दोस्ती निभाना एक कठिन कार्य है। अगर आप इस तरह के व्यक्ति से दोस्ती करते हैं, तो इससे आपके जीवन की शांति भंग हो सकती है।
ऐसे व्यक्ति से न करें दोस्ती
दोस्ती करने से पहले यह जरूर जान लेना चाहिए कि सामने वाला व्यक्ति धर्म, नैतिकता और मूल्यों का कितना पालन करता है। अगर वह इन चीजों का पालन नहीं करना, तो ऐसे व्यक्ति से भी दूर रहने में भलाई है। क्योंकि ऐसा व्यक्ति आपको गलत रास्ते पर जाने के लिए प्रेरित करता है और इससे आपको भविष्य खराब हो सकता है।
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