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    पाप का घड़ा या नियति का खेल? आखिर क्यों जन्म लेते ही मौत के मुंह में धकेल दिया गया था कंस?

    Updated: Tue, 03 Feb 2026 04:25 PM (IST)

    क्या कंस वाकई राजा उग्रसेन का पुत्र था? जानिए कंस के जन्म का वो खौफनाक सच और द्रुमिल गंधर्व के उस छल की कहानी जिसने एक क्रूर असुर को जन्म दिया। पढ़ें क ...और पढ़ें

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    कंस के जन्म की रहस्यमयी कथा

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कृष्ण अवतार की गाथा में कंस को एक क्रूर मामा और अत्याचारी राजा के रूप में जाना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कंस के जन्म की कहानी भी उतनी ही रहस्यमयी और डरावनी थी? अक्सर लोग समझते हैं कि कंस राजा उग्रसेन का ही पुत्र था, लेकिन पौराणिक ग्रंथों के गहरे पन्नों में एक ऐसी सच्चाई छिपी है जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती है।

    आइए जानते हैं कि मथुरा का वह सबसे बड़ा शत्रु आखिर पैदा कैसे हुआ और क्या वाकई उसे उसके पिता ने ही त्याग दिया था?

    एक छल से हुई कंस के जन्म की शुरुआत

    कंस के जन्म की नींव किसी प्रेम या वरदान पर नहीं, बल्कि एक धोखे पर टिकी थी। पौराणिक कथाओं और भागवत पुराण के कुछ विशेष संदर्भों के अनुसार, मथुरा के राजा उग्रसेन की पत्नी रानी पद्मावती एक बार वन विहार पर निकली थीं। वहां 'द्रुमिल' नाम के एक गंधर्व (राक्षस प्रवृत्ति का) ने उग्रसेन का रूप धारण कर लिया और रानी के साथ छल किया।

    रानी पद्मावती उस मायावी जाल को समझ नहीं पाईं और इसी अपवित्र मिलन के परिणामस्वरूप कंस का जन्म हुआ। विद्वानों और धर्मशास्त्रियों का मानना है कि चूंकि कंस का असली पिता एक असुर (द्रुमिल) था, इसलिए जन्म से ही उसके स्वभाव में दानवता कूट-कूट कर भरी थी।

    क्या यमुना में बहा दिया गया था नन्हा कंस?

    कंस के जन्म के समय से ही आकाशवाणी और ज्योतिषीय गणनाएं डराने वाली थीं। शास्त्रों के अनुसार, जब पद्मावती ने कंस को जन्म दिया, तो उस शिशु के हाव-भाव और ऊर्जा इतनी नकारात्मक थी कि राजा उग्रसेन को भविष्य के संकट का आभास हो गया। कुछ मान्यताओं में यह जिक्र मिलता है कि उग्रसेन इस बालक को मथुरा की राजगद्दी का वारिस नहीं बनाना चाहते थे क्योंकि वे जानते थे कि यह अधर्म की संतान है।

    हालांकि, ऐतिहासिक और धार्मिक ग्रंथों में यह स्पष्ट रूप से नहीं मिलता कि उसे यमुना में बहाया गया था, बल्कि यह कहा जाता है कि उग्रसेन ने उसे अपने से दूर रखने की कोशिश की। लेकिन अपनी राक्षसी शक्तियों और छल के बल पर कंस ने बड़ा होकर अपने ही पिता उग्रसेन को जेल में डाल दिया और जबरन सत्ता छीन ली।

    एक पूर्वजन्म का प्रतिशोध

    कंस की क्रूरता के पीछे सिर्फ उसका जन्म नहीं, बल्कि उसका पूर्वजन्म भी था। पौराणिक तथ्यों के मुताबिक, कंस पिछले जन्म में 'कालनेमि' नाम का असुर था, जिसका वध भगवान विष्णु ने किया था। यही कारण था कि इस जन्म में भी वह भगवान विष्णु (कृष्ण) का कट्टर शत्रु बना और अपने अंत की ओर खुद ही खिंचता चला गया।