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    Rudraksha ke Niyam: रुद्राक्ष पहनने के बाद भी नहीं मिल रहा फल, वजह हो सकती हैं आपकी ये गलतियां

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 01:36 PM (IST)

    रुद्राक्ष को यह मान्यता है कि इसकी उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है। रुद्राक्ष धारण करना बहुत ही शुभ माना जाता है लेकिन इसे धारण करने के लाभ तभी मिलते हैं जब इससे जुड़े नियमों का भी ध्यान रखा जाए। चलिए जानते हैं रुद्राक्ष से जुड़े कुछ जरूरी नियम ताकि आपको रुद्राक्ष धारण करने का पूरा फल मिल सके।

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    Rudraksha ke Niyam in hindi (Picture Credit: Freepik)

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान शिव की कृपा प्राप्ति के लिए कई लोग रुद्राक्ष धारण करते हैं। कई  लोगों को ये शिकायत होती है कि रुद्राक्ष धारण  (Rudraksha Niyam) करने के बाद भी उन्हें अच्छे परिणाम नहीं मिल रहे। ऐसा माना गया है कि यदि आप रुद्राक्ष से जुड़े नियमों का ध्यान नहीं रखते, तो इससे आपको इसके अच्छे परिणाम की जगह बुरे परिणाम भी मिल सकते हैं।

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    रुद्राक्ष पहनने के सही नियम

    रुद्राक्ष धारण करने से पहले इसे पंचामृत और गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए। इसके बाद एक साफ कपड़े से रुद्राक्ष को पोछें और तिलक लगाकर धूप दिखाएं। इसके बाद 108 बार नमः शिवाय मंत्र का  जप करें और रुद्राक्ष धारण करें। अमावस्या, पूर्णिमा, सावन महीने के सोमवार या फिर शिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना गया है।

    मिलते हैं अद्भुत लाभ 

    नियमों के अनुसार, रुद्राक्ष धारण करने वाले साधक का मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। साथ ही इससे नकारात्मकता दूर बनी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। इसके साथ ही साधक को ग्रहों का अशुभ प्रभाव से भी मुक्ति मिल सकती है। रुद्राक्ष की माला से मंत्र जप करने से भी साधक को विशेष लाभ मिल सकता है और शिव जी कृपा बनी रहती है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    रुद्राक्ष धारण करने से पहले किसी अच्छे ज्योतिष से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। रुद्राक्ष को कभी भी गंदे हाथों से न छुएं और न ही अपना पहना हुआ रुद्राक्ष किसी और को दें। ऐसा करने से रुद्राक्ष की ऊर्जा नष्ट हो सकती है। रात को सोने से पहले या फिर शौचालय जाते समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए। रुद्राक्ष को उतारकर हमेशा मंदिर या फिर किसी साफ-सुथरे स्थान पर रखें और दुबारा स्नान के बाद ही रुद्राक्ष धारण करें।

    ये लोग न पहने रुद्राक्ष

    गर्भवती महिलाओं को रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए, क्योंकि इससे बहुत अधिक ऊर्जा निकलती है, जो शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकती है। जो लोग मांस-मदिरा आदि का सेवन करते हैं, उन्हें भी रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही शमशान घाट या फिर किसी मत्यु वाले स्थान पर रुद्राक्ष पहनकर न जाएं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।