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    Saphala Ekadashi 2025: भगवान विष्णु का चाहिए आशीर्वाद, तो सफल एकादशी पर न करें ये गलतियां

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:32 AM (IST)

    सफला एकादशी का व्रत पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस दिन को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं, जिसका पालन सभी को करना चाहिए। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि सफल एकादशी (Saphala Ekadashi 2025) पर क्या करें और क्या नहीं?

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    Saphala Ekadashi 2025: सफल एकादशी व्रत के नियम।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सफला एकादशी का व्रत हर साल पौष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत सभी कामों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। एकादशी का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक है, जिसमें नियमों का पालन बहुत जरूरी होता है। ताकि व्रत का पूरा फल मिल सके। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि सफल एकादशी (Saphala Ekadashi 2025) पर क्या करें और क्या नहीं?

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    सफला एकादशी पर क्या करें? (Saphala Ekadashi 2025 Dos)

    • दशमी तिथि की रात को ही सात्विक भोजन करें और अगले दिन सुबह स्नान के बाद विधिवत व्रत का संकल्प लें।
    • भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं।
    • उन्हें पीले फूल, फल और चंदन अर्पित करें। साथ ही, तुलसी माता की पूजा करें और तुलसी चालीसा का पाठ करें।
    • भगवान को भोग लगाते समय उसमें तुलसी दल जरूर शामिल करें, क्योंकि तुलसी के बिना भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते हैं।
    • इस दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे' मंत्र का जितना हो सके जप करें।
    • द्वादशी तिथि के शुभ मुहूर्त में ही व्रत का पारण करें।
    • पारण से पहले ब्राह्मण या गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं व दान दें।
    • इस दिन अनाज, वस्त्र, फल और विशेषकर तिल का दान करना शुभ माना जाता है, क्योंकि पौष माह में तिल का महत्व बढ़ जाता है।
    • इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन जरूर करें।

    सफला एकादशी पर क्या नहीं करें? (Saphala Ekadashi 2025 Donts)

    • एकादशी के दिन चावल का सेवन गलती से न करें। माना जाता है कि इस दिन चावल खाने से अगले जन्म में कीड़े की योनि मिलती है।
    • लहसुन, प्याज, मांसाहार, शराब और अन्य सभी तामसिक चीजों का सेवन दशमी तिथि से लेकर द्वादशी तिथि तक नहीं करना चाहिए।
    • एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। जरूरी हो तो एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
    • इस दिन बाल कटवाना, नाखून काटना और दाढ़ी बनाना वर्जित माना जाता है।
    • एकादशी के दिन किसी की निंदा न करें, किसी से झूठ न बोलें और विवाद से बचें।

    पूजन मंत्र ( Puja Mantra)

    • श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय॥
    • ॐ विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
    • मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

    यह भी पढ़ें- Saphala Ekadashi 2025: दिसंबर में कब रखा जाएगा सफला एकादशी का व्रत? एक क्लिक में जानें डेट से लेकर सबकुछ

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।