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    घर के दरवाजे पर क्यों लगाते हैं घोड़े की नाल? जानें इसे लगाने की सही दिशा और वास्तु नियम

    Updated: Tue, 06 Jan 2026 08:30 PM (IST)

    घोड़े की नाल सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा का एक सुरक्षा कवच भी माना गया है। क्या आप जानते हैं घर के बाहर घोड़े की नाल टांगने का असली कारण क ...और पढ़ें

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    घोड़े की नाल टांगने का असली कारण (Image Source: AI-Generated)

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घोड़े की नाल सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा का एक सुरक्षा कवच भी है। अगर इसे सही नियम और श्रद्धा के साथ लगाया जाए, तो घर में शांति, सुरक्षा और समृद्धि आ सकती है। घर के मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल (Horseshoe) लगाना सदियों पुरानी परंपरा है। लोग इसे अक्सर घर, दुकान या व्यापारिक स्थलों के बाहर टांगते हैं। लेकिन, क्या यह सिर्फ एक सजावट की चीज है? शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, इसके पीछे गहरी धार्मिक और आध्यात्मिक वजहें छिपी हैं।

    आइए जानते हैं घोड़े की नाल से जुड़ी ये दिलचस्प बातें और इसे लगाने के सही नियम:

    1. लोहे की शक्ति और सुरक्षा

    घोड़े की नाल लोहे से बनी होती है। प्राचीन काल से ही लोहे को एक अत्यंत शक्तिशाली धातु माना गया है, जो बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को दूर रखने में सक्षम है। माना जाता है कि लोहा आग में तपकर बनता है, इसलिए इसमें बुराई को भस्म करने की शक्ति होती है। वास्तु और फेंगशुई में भी लोहे को एक मज़बूत रक्षक माना जाता है।

    2. 'U' आकार का रहस्य

    इसका 'U' आकार बढ़ते हुए चंद्रमा (Crescent Moon) की तरह दिखता है। चंद्रमा को वृद्धि, प्रगति और खुशहाली का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि अगर घोड़े की नाल का खुला हिस्सा ऊपर की तरफ हो, तो यह सौभाग्य (Good Luck) को एक बर्तन की तरह बटोर कर घर के भीतर सुरक्षित रखती है।

    3. बुरी नजर से बचाव का कवच

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, घोड़े की नाल को सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि जहां यह नाल लगी होती है, वहां नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पातीं। यही कारण है कि इसे पुराने समय से ही 'नजर दोष' से बचने का सबसे अचूक उपाय माना जाता रहा है।

    ghode ki naal

    (Image Source: AI-Generated)

    4. वास्तु और लगाने का सही तरीका

    कैसी हो नाल: वास्तु के अनुसार, नई नाल के बजाय घोड़े के पैर से निकली हुई पुरानी नाल सबसे ज्यादा प्रभावशाली होती है, क्योंकि उसमें पृथ्वी और पशु की ऊर्जा समाहित होती है।

    कब लगाएं: इसे लगाने के लिए शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि लोहा शनि देव से संबंधित है और यह उनके कुप्रभावों को भी कम करता है।

    सही दिशा: इसे घर के मुख्य दरवाजे के बीचों-बीच या उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाना करियर और किस्मत के लिए शुभ होता है।

    कैसे लगाएं: अधिकतर विशेषज्ञ इसे 'U' आकार में (खुला हिस्सा ऊपर) लगाने की सलाह देते हैं ताकि यह सुख-समृद्धि को अपने भीतर थाम कर रखे।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।