क्या सच में फोन के RAM Boost फीचर से फास्ट हो जाता है स्मार्टफोन? ज्यादातर लोग नहीं जानते सच
स्मार्टफोन में RAM बूस्ट या वर्चुअल RAM फीचर इंटरनल स्टोरेज का उपयोग अतिरिक्त RAM के रूप में करता है। कंपनियां दावा करती हैं कि यह फोन की परफॉर्मेंस क ...और पढ़ें

क्या सच में फोन के RAM Boost फीचर से फास्ट हो जाता है स्मार्टफोन? ज्यादातर लोग नहीं जानते सच
स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आजकल लगभग हर एक नए स्मार्टफोन में आपने RAM Boost, Virtual RAM, Extended RAM या फिर RAM Expansion जैसे फीचर के बारे में जरूर सुना होगा। इस फीचर को कंपनियां ज्यादातर बजट फोन में ऐड करके बड़े बड़े दावे करती हैं कि इस फीचर को ऑन करते ही आपके फोन की परफॉर्मेंस काफी ज्यादा फास्ट हो जाएगी।
ऐसा भी कहा जाता है कि ये फीचर ऑन करते ही ऐप्स भी स्मूद चलने लगते हैं। साथ ही डिवाइस के हैंग होने की समस्या भी लगभग फिक्स हो जाती है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या सच में RAM Boost फीचर फोन को फास्ट बना सकता है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
पहले समझिए क्या है RAM Boost फीचर?
आसान शब्दों में कहें तो RAM Boost फीचर फोन की इंटरनल स्टोरेज का ही एक हिस्सा वर्चुअल RAM के तौर पर यूज करता है, यानी अगर आपके डिवाइस में 6GB फिजिकल RAM है, तो RAM Boost फीचर ऑन करने पर सिस्टम स्टोरेज से 2GB या 4GB तक का हिस्सा लेकर कुल RAM को बढ़ा देता है। ऐसे में जब फोन की फिजिकल RAM भर जाती है, तब ऐसी कंडीशन में बैकग्राउंड ऐप्स और कुछ प्रोसेस स्टोरेज में शिफ्ट हो जाते हैं।
क्या सच में RAM Boost फीचर फास्ट कर देता है फोन?
इसका सीधा जवाब न है, क्योंकि फोन की स्पीड कई अन्य चीजों पर भी डिपेंड करती है। ऐसे में RAM Boost फीचर से कोई जादुई बढ़ोतरी नहीं होती। फिजिकल RAM की स्पीड फोन की स्टोरेज से कई गुना ज्यादा होती है।
ऐसे में स्टोरेज को RAM की तरह यूज करने से ऐप्स तेजी से नहीं, बल्कि कुछ-कुछ मामलों में तो स्लो भी हो सकते हैं। वहीं अगर आप हैवी गेमिंग या हाई-परफॉर्मेंस टास्क करते हैं तो ऐसे में आपको इस फीचर का खास फायदा नहीं मिलेगा।

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