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    कार्रवाई की बजाय शिकायत लेकर पहुंचे सेल्समैन को टहलाया, इंस्पेक्टर मंटोला को लापरवाही पड़ी भारी

    By Neelesh Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Thu, 15 Jan 2026 12:04 PM (IST)

    मंटोला थाना प्रभारी को एक सेल्समैन की अपहरण और फिरौती की शिकायत पर कार्रवाई न करने के कारण पद से हटा दिया गया है। पुलिस आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही म ...और पढ़ें

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    सांकेतिक तस्वीर।

    जासं, आगरा। अपहरण और फिरौती मांगने की शिकायत लेकर मंटोला थाने पहुंचे सेल्समैन की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने और अफसरों को सूचना नहीं देने पर मंटोला थाना प्रभारी को पद से हटा दिया गया है। पुलिस आयुक्त ने गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें किसी भी थाने की जिम्मेदारी नहीं सौंपी है। उन्हें थाने से हटाकर अपराध शाखा भेजा गया है। इसके अलावा पांच थाने के प्रभारियों को बदला गया है।

    मुंबई के भायंदर वेस्ट संगम अपार्टमेंट निवासी साड़ी कंपनी के सेल्समैन ने सात जनवरी को मंटोला थाने जाकर खुद के अपहरण और 1.20 लाख रुपये की फिरौती वसूलने की शिकायत थाना प्रभारी से की थी। पुलिस जांच में यह मामला समलैंगिक संबंधों के चलते मारपीट और जबरन रुपये लेने का निकला।

    सेल्समैन की शिकायत पर मंटोला थाना प्रभारी ने कार्रवाई न करते हुए मामला एत्माद्दौला क्षेत्र का बताकर व्यापारी को एत्माद्दौला थाने भेज दिया था। उन्होंने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी नहीं दी थी। शिकायत के बाद भी मामले में लापरवाही बरतने पर मंटोला इंस्पेक्टर देबकरन सिंह को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने पद से हटाते हुए अपराध शाखा भेजा है।

    पुलिस आयुक्त ने कमला नगर थानाध्यक्ष योगेश कुमार को पर्यटन थाने का प्रभारी बनाया है। पर्यटन थानाध्यक्ष रूबी को प्रभारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन का बनाया है। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के प्रभारी पद पर तैनात शैली राणा को मंटोला थाने का प्रभारी बनाया गया है।

    इंस्पेक्टर शमसाबाद थाना पवन कुमार को इंस्पेक्टर कमला नगर व क्राइम इंस्पेक्टर एकता थाना सुरेंद्र राव को प्रभारी निरीक्षक शमसाबाद बनाया गया है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने कहा कि सभी थाना प्रभारियों को साफ निर्देश हैं कि घटनास्थल किसी भी थाने का हो, अगर पीड़ित उनके थाने में पहुंचता है तो शिकायत को गंभीरता से सुनें।

    उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के बाद आग की कार्रवाई करें। मंटोला थाना प्रभारी को महाराष्ट्र के सेल्समैन की शिकायत पर कार्रवाई न करने का दोषी पाया गया था।