Agra News: बिना स्टॉकिस्ट दवा बिक्री का खुलासा, बंसल एजेंसी और फर्मों का जांच में मिला 80 करोड़ का टर्नओवर
आगरा में औषधि विभाग ने बंसल मेडिकल एजेंसी और उससे जुड़ी फर्मों पर छापा मारा। जांच में पता चला कि ये फर्में बिना स्टॉकिस्ट हुए भी करोड़ों का कारोबार कर रही थीं। ये पुडुचेरी और मुंबई जैसे राज्यों से दवाएं खरीदकर बेचती थीं और स्टॉकिस्ट से भी कम दामों पर दवाएं बेच रही थीं। अन्य दवा फर्मों की जांच भी जारी है।

जागरण संवाददाता, आगरा। नकली दवा सिंडिकेट में औषधि विभाग की टीम ने शुक्रवार को बंसल मेडिकल एजेंसी के संचालक संजय बंसल के भाई मुकेश बंसल की एमएसवी मेडी प्वाइंट की जांच की। 60 लाख की दवाओं का स्टाक मिला है, बिल से दवाओं के स्टाक का मिलान किया जा रहा है।
टीम की जांच में सामने आया है कि 36 वर्ष पुरानी बंसल मेडिकल एजेंसी और उनके भाई और भतीजे के नाम से संचालित हो रहीं दो अन्य फर्मों से सालाना 80 करोड़ का टर्नओवर किया जा रहा है लेकिन ये तीनों ही फर्म किसी भी दवा कंपनी की स्टाकिस्ट नहीं है। इसके बाद भी मल्टीनेशनल कंपनियों की दवाओं की बिक्री पुडुचेरी, मुंबई सहित अन्य राज्यों से खरीद कर की जा रही है।
भाई की एचएमवी मेडी प्वाइंट और भतीजे की ताज मेडिको से करोड़ों की खरीद बिक्री
सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि थोक दवा का लाइसेंस लेने के बाद दवा कंपनी के स्टाकिस्ट बनते हैं और कंपनी से दवाएं खरीदते हैं। ये दवाएं कंपनी से एमआरपी से 23 प्रतिशत कम दर पर मिलती हैं, इसमें पांच से आठ प्रतिशत मुनाफा लेने के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की बिक्री की जाती है। संजय बंसल द्वारा संचालित गोगिया मार्केट स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी 36 वर्ष पुरानी है।
पुडुचेरी, मुंबई की फर्म से करोड़ों की दवा खरीद कर बिक्री की,
12 वर्ष से संजय बंसल के भतीजे शोभित बंसल के नाम से ताज मेडिकल संचालित हो रही है और चार वर्ष पहले संजय बंसल के भाई मुकेश बंसल के नाम से बंसल मेडिकल एजेंसी के नीचे एमएसवी मेडी प्वाइंट संचालित हो रहा है। ये तीनों फर्म किसी भी कंपनी की स्टाकिस्ट नहीं है। इनके द्वारा पुडुचेरी, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली सहित कई राज्यों की फर्मों से सस्ती दवा खरीदी जाती है। बाजार में ये कंपनी के स्टाकिस्ट से सस्ती दवाओं की बिक्री करती हैं। बिल और स्टाक की अभी जांच की जा रही है, इसमें कई अहम सुबूत मिल रहे हैं।
30 प्रतिशत ही दवा कंपनी के स्टाकिस्ट, बिक्री में लगातार आ रही गिरावट
थोक दवा बाजार में 1200 फर्म हैं, इसमें से 30 प्रतिशत 400 ही दवा कंपनियों के स्टाकिस्ट हैं। इनकी सालाना बिक्री आठ से 10 करोड़ है जो पिछले कुछ वर्षों से बाजार में सस्ती दर पर दवा बेचने वालों के कारण लगातार कम हो रही है। औषधि विभाग की कार्रवाई के चलते बड़ी संख्या में दवा की दुकानें बंद हैं।
हे मां और राधे मेडिकल की जांच कराने के लिए अधिवक्ता पहुंचे
सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि जेल भेजे गए हिमांशु अग्रवाल की फर्म हे मां मेडिको और दीपक सिंघल की श्री राधे मेडिकल की जांच कराने के लिए अधिवक्ताओं ने संपर्क किया। उनसे कोर्ट से अनुमति लेने के लिए कहा गया है, इसके बाद ही आगे की जांच की जाएगी। हे मां मेडिको और श्री राधे मेडिकल की दुकान और गोदाम को औषधि विभाग की टीम ने सील कर दिया था। हे मां मेडिको से 2.13 करोड़ की दवाएं जब्त की गईं थी इसके बाद भी दुकान और गोदाम में करोड़ों का स्टाक है।
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