बालिका से किरायेदार ने किया दुष्कर्म, 12 घंटे झाड़-फूंक में कराते रहे स्वजन; आगरा पुलिस ने किया एनकाउंटर
Agra Crime News किरायेदार ने बालिका से दुष्कर्म किया। खून से लथपथ बेहोश मिलने पर दुष्कर्म पीड़िता को स्वजन झाड़फूंक करने वाले के पास ले गए। पुलिस ने आरोपित छोटू को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। पैर में गोली लगने से वह घायल हुआ है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है।

जागरण संवाददाता, आगरा। ट्रांस यमुना में 12 वर्षीय बालिका के साथ किरायेदार ने दुष्कर्म किया। आरोपित शुक्रवार सुबह सोते समय बालिका को उठाकर कमरे में ले गया और घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
गर्मी से तबीयत खराब होने की आशंका के चलते दिन में झाड़ फूंक कराते रहे। खून से लथपथ बच्ची ने होश में आने पर आपबीती सुनाई। इसके बाद स्वजन ने पुलिस को सूचना दी। डीसीपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर स्वजन से मामले की जानकारी ली। आरोपित की तलाश में पुलिस की चार टीमें जुटी लगी।देर रात दुष्कर्म का आरोपित छोटू पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हो गया है। पैर में गोली लगने से वह घायल हुआ है।
एक महीने पहले परिवार आया था रहने
टेढ़ी बगिया क्षेत्र में एक महीने पहले ही पीड़ित परिवार किराये पर रहने के लिए आया था। इसी मकान में छोटू नाम का युवक भी परिवार के साथ किराये पर रहता है। शुक्रवार तड़के तीन बजे टंकी से पानी की सप्लाई शुरू होने पर बेटी ने माता-पिता के साथ घर का पानी भरा। माता-पिता कमरे में सोने चले गए, जबकि बालिका कमरे के दरवाजे के पास पड़ी चारपाई पर सो गई। स्वजन के अनुसार चारपाई पर सो रही बच्ची को आरोपित छोटू मकान के खाली कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बालिका के बेहोश होने पर आरोपित भाग खड़ा हुआ।
खून से लथपथ मिली बालिका
माता-पिता के जागने पर बालिका उन्हें खून से लथपथ बेहोश हालत में मिली। गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ने की आशंका के चलते स्वजन इलाज की जगह झाड़ फूंक कराने में लग गए। शुक्रवार शाम करीब चार बजे बालिका को होश आया तो उसने वारदात की जानकारी दी। इसके बाद स्वजन ने वारदात की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वहीं बच्ची को इलाज के लिए भर्ती कराया है। जानकारी मिलने के बाद डीसीपी सिटी सोनम कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
12 घंटे तक होता रहा रक्तस्राव, स्वजन कराते रहे झाड़ फूंक
बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात होने की स्वजन ने कल्पना नहीं की थी। इसीलिए वह उसे इलाज के लिए नहीं ले गए। शाम चार बजे तक बच्ची को रक्तस्राव होता रहा और स्वजन झाड़ फूंक कराते रहे। इससे बच्ची की हालत और बिगड़ती चली गई।
पानी की समस्या बनी वारदात की वजह
क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी आने का समय निर्धारित नहीं है। पानी रात के दो-तीन बजे छोड़ दिया जाता है। इसलिए लोग रात में ही पानी भरने लगते हैं। पानी भरने के बाद ही बच्ची कमरे के बाहर चारपाई पर सो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी सुबह आता तो शायद ऐसा नहीं होता। लोगों ने पानी की समस्या में सुधार कराए जाने की मांग जलकल विभाग से की है।
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