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    Cop Suicide Inside Story: मेरी वजह से कोई परेशान न हो... वाट्सऐप पर स्टेट्स लगाकर फंदे पर झूली महिला सिपाही

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 10:54 AM (IST)

    अलीगढ़ के रोरावर थाने में तैनात महिला सिपाही ने आत्महत्या कर ली। उसने पहले वाट्सएप पर स्टेटस लगाया कि उसकी वजह से किसी को परेशानी न हो। ड्यूटी पर न पहुंचने पर पुलिस घर पहुंची तो उसे फंदे पर लटका पाया। पुलिस आत्महत्या मान रही है, लेकिन परिजनों ने जांच की मांग की है। मृतका ने मृत्यु से पहले अपने पिता से बात की थी और शादी में शामिल होने की बात कही थी।

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    वर्दी में मृत सिपाही, एक शादी के दौरान तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। पहले वाट्सएप पर सुसाइड का स्टेटस लगाया। लिखा मेरी वजह से किसी को परेशानी न हो और फिर महिला सिपाही फंदे पर लटक गई। शनिवार को ड्यूटी पर न पहुंचने पर पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे तो दंग रह गए। मकान में कोई नहीं था। आंगन के जाल पर फंदे से लटकी सिपाही को उतारा गया।

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    पूछताछ में पड़ोसियों ने पुलिस का चिह्न लगी बाइक पर एक युवक के आने की जानकारी दी। इसकी पहचान में पुलिस जुटी है। आगरा की मूल निवासी यह सिपाही अविवाहित थी। स्वजन रिश्ता तलाश रहे थे। पुलिस आत्महत्या का मामला मान रही है। पिता कर्मवीर सिंह ने मृत्यु को संदिग्ध मानते हुए जांच की मांग की है।

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    आगरा की महिला सिपाही अलीगढ़ के रोरावर थाने में थी तैनात, पुलिस जांच में जुटी

    आगरा के किरावली के बैमन गांव की रहने वालीं हेमलता वर्ष 2016 की सिपाही थीं। रोरावर थाने में तैनात थीं। इससे पूर्व बन्नादेवी थाने में ड्यूटी थी। इसके चलते उसी क्षेत्र में थाने से करीब एक किलोमीटर दूर जवाहर कॉलोनी में रिटायर्ड दारोगा नरेंद्र सिंह विश्नोई के दो मंजिला मकान में प्रथम तल पर बने कमरे में किराये पर रहती थीं। शुक्रवार को ड्यूटी के बाद रात को हेमलता घर आ गई थीं। दूसरे दिन रोरावर थाने नहीं गईं। पुलिस के अनुसार हेमलता ने फोन कर एक दिन की इमरजेंसी छुट्टी मांगी थी। यह स्वीकृत हो गई थी। आमद कराने के लिए जब कॉल किया गया तो कॉल रिसीव नहीं हुई।

    आत्महत्या मान रही पुलिस, स्वजन ने मृत्यु को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की

    कई बार में भी जब संपर्क नहीं हो सका तब रोरावर थाने से बन्नादेवी पुलिस को फोन कर हेमलता के घर पता करने को कहा गया। इसके बाद पुलिस उसके घर पहुंची। मुख्य दरवाजे की अंदर से कुंडी बंद थी। पड़ोस के मकान से उसके घर की छत पर पुलिस पहुंची और फिर नीचे उतरी। आंगन के जाल पर लाइलोंन की रस्सी से बने फंदे पर हेमलता लटकी हुई थी।

    एसआई समीर ने बताया कि शव के पास ही एक प्लास्टिक की कुर्सी रखी थी। इससे आत्महत्या लग रही है। मरने से पहले उसने अपने फोटो के साथ एक भावुक धुन लगा रखी थी। उसके डेढ़ घंटे बाद उसने वाट्सऐप स्टेटस पर लिखा था कि मेरी वजह से किसी को परेशानी न हो। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में लिया है। बन्ना देवी सीओ कमलेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या लग रही है। जांच की जा रही है।



    शनिवार की सुबह भी युवक को देखा घर में जाते हुए, तहरीर नहीं दी

    हेमलता ने आत्महत्या किन कारणों से की, यह गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुटी हुई है। इसके चलते उस युवक की पहचान का प्रयास भी किया जा रहा है, जिसे पुलिस का चिह्न लगी बुलट से उसके घर आता पड़ोसियों ने देखा। शनिवार की देर रात स्वजन ने पुलिस को तहरीर नहीं दी थी।


    चार भाई-बहन में छोटी थीं हेमलता, गांव में शोक

    हेमलता चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। उनकी मृत्यु से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्वजन के साथ ही ग्रामीण तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। वह जब भी गांव आती थीं तो युवतियों को कुछ करने की प्रेरणा देती थीं। तहेरे भाई शशिपाल ने बताया कि हेमलता से बड़ी बहन रेनू व भाई उपेंद्र की शादी हो चुकी है।

    भाई साेनू भी हेमलता से बड़ा है। उसके लिए स्वजन रिश्ता देख रहे थे। स्वजन का कहना है कि वह ऐसा कदम उठा सकती हैं, हम कभी यकीन नहीं कर सकते। हेमलता के मामा व भाजपा के हाथरस जिला महामंत्री राजेन्द्र सिंह ने घटना पर हैरानी जताई है। उन्होंने बताया कि हेमलता बचपन से ही बहादुर थी। हमारी लाडली थी। गांव में पिता कर्मवीर, मां बैजंती देवी रहते हैं।



    मैं तैयार हूं चलने के लिए, आ रही हूं

    पापा आप कैसे हो। मैं तैयार हूं, आ रही हूं। मृत्यु की सूचना से आधे घंटे पहले किए गए फोन पर हेमलता ने अपने पिता कर्मवीर से यही कहा था। जिसे बताते हुए कर्मवीर बिलख उठे। बोले, वह खुश थी। फिर उसके साथ ऐसा क्या हुआ, जो अब वह दुनिया में नहीं है। शनिवार की दोपहर एक बजे हेमलता से फोन पर बात हुई थी। एक रिश्तेदारी में शादी कार्यक्रम था। उसमें शामिल होने के लिए वह कह रही थी। पहले बोलीं आप कैसे हो। मैंने कहा कि ठीक हूं। फिर खुश होकर बोली कि मैं तैयार हूं, निकल रही हूं। हम उसका इंतजार कर रहे थे और उसके गुजर जाने की सूचना ने हमें तोड़ दिया।