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    ...तो इस वजह से आवास विकास योजनाओं की गति हो गई धीमी, अब यूपी के लोगों को घर मिलने में होगी देरी

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 09:53 PM (IST)

    अलीगढ़ में आवास विकास परिषद की करोड़ों की परियोजनाएं धीमी गति से चल रही हैं। अग्निशमन केंद्र हाईस्कूल और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी योजनाएं समय सीमा से पीछे हैं जिनमें 40-70% काम अधूरा है। अधिकारियों का कहना है कि किस्तों में देरी के कारण काम प्रभावित हुआ है। गो संरक्षण केंद्र और स्टेडियम निर्माण भी धीमी गति से चल रहे हैं।

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    कहीं किस्त के फेर में अटका निर्माण तो कहीं विभाग की ही सुस्त रफ्तार

    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। करोड़ों की लागत से चल रही आवास एवं विकास परिषद की योजनाओं की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। कहीं किस्त का इंतजार काम रोक रहा है तो कहीं विभागीय ढिलाई रोड़ा बनी हुई है।

    नतीजा यह कि जुलाई माह तक अग्निशमन केंद्र, हाईस्कूल भवन का निर्माण व सेंटर आफ एक्सीलेंस जैसी अहम परियोजनाएं डेडलाइन के लक्ष्य से पीछे चल रहीं हैं। इनमें 40 से 70 प्रतिशत तक काम बाकी हैं। हालांकि, निर्माणदायी संस्था के अधिकारियों का दावा है कि अगस्त में तेज रफ्तार से यह काम पूरे किए जा रहे हैं। किस्तों का इंतजार अभी भी बाकी है।

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    आवास एवं विकास परिषद लानगरी क्षेत्र में उद्यमियों की मांग पर अग्निशमन केंद्र के आवासीय भवन का निर्माण कर रहा है। इसकी कुल लागत 3.91 करोड़ रुपये है। 23 अगस्त 2024 को इस काम की शुरुआत हुई थी। 31 दिसंबर इसे पूरा करने की डेडलाइन है, लेकिन 31 जुलाई तक इसका 55 प्रतिशत ही निर्माण हो पाया है।

    ऐसे में सवाल यह है कि अगले पांच महीने में शेष 45 प्रतिशत का निर्माण कैसे हो पाएगा? भवन में फिलहाल भूतल व प्रथम तल की छत बन चुकी है, मगर प्लास्टर का काम अधूरा पड़ा है। अधिकारियों का तर्क है कि राशि की दूसरी किस्त न मिलने से निर्माण कार्य धीमा है।

    ऐसे में निर्धारित समय पर अब इसके पूरे होने की उम्मीद कम ही है। इसी तरह समग्र शिक्षा अभियान के तहत बालूखेड़ा में राजकीय हाईस्कूल का निर्माण किया जा रहा है। इसकी लागत 1.32 करोड़ है। पिछले वर्ष 14 सितंबर को इस काम की शुरुआत हुई थी, लेकिन अभी तक इसका महज 25 प्रतिशत ही निर्माण हुआ है।

    अधिकारियों के लिए अब 31 मार्च की डेडलाइन तक इसको पूरा करने की कड़ी चुनौती है। फिलहाल भवन का काम पिंल्थ लेवल पर है। इसी तरह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी भी इसी विभाग पर है।

    9.13 करोड़ की लागत से इस काम को पूरा किया जा रहा है। 20 दिसंबर को पिछले वर्ष इसकी शुरुआत हुई थी। अगले वर्ष दिसंबर तक इसकी डेडलाइन है, लेकिन अब तक केवल 20 प्रतिशत काम ही हुआ है। प्रशासनिक भवन व हास्टल में फाउंडेशन, कैंटीन व आवासीय भवनों में सुपर स्ट्रक्चर का काम चल रहा है। इसकी भी दूसरी किस्त अटकी हुई है।

    सभी काम निर्धारित डेडलाइन के अनुसार ही पूरे किए जा रहे हैं। दो परियाेजनाओं में अभी दूसरी किस्त आना भी बाकी हैं, लेकिन फिर भी निरंतर काम किया जा रहा है। -नवजोत वर्मा, अधिशासी अभियंता, आवास विकास

    डेडलाइन से पीछे चल रहे गो संरक्षण केंद्र

    उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ द्वारा जिले में 50 लाख से अधिक की सात परियोजनाएं निर्माणधीन हैं। इसमें चार प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी वाले गो संरक्षण केंद्र हैं। हर काम पर 1.60 करोड़ की लागत खर्च हो रही है। इसमें दिहोली, माधवगढ़, बरकला के केंद्र शामिल हैं। पिछले वर्ष जुलाई में इन कामों की शुरुआत हुई थी।

    अक्टूबर तक इनकी डेडलाइन है, लेकिन कई काम 10 से 15 प्रतिशत तक बचे हुए हैं। इस संस्था का 8.45 करोड़ की लागत से खैर ब्लाक के लक्ष्मणगढ़ी गांव में संचालित स्टेडियम का निर्माण भी धीमा ही है। पिछले वर्ष सितंबर में इसक काम की शुरुआत हुई थी। अगले वर्ष अक्टूबर तक काम पूरा होना है, लेकिन अब तक 22 प्रतिशत ही काम हुआ है।