Auriya News: निर्दयी बेटा, मां को घर से ले जाकर हत्या करके शव खेत में फेंका, अब आजीवन कारावास
औरैया में अदालत ने दस साल पहले अपनी मां की हत्या करने वाले बेटे और उसके साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बेटे ने ही हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन जांच में वह दोषी पाया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर जुर्माना भी लगाया। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।

जागरण संवाददाता, औरैया। Auriya News: मां की हत्या कर उसके शव को खेत में फेंकने वाले हत्यारे और उसके सहयोगियों को कोर्ट ने आजीवन कारवास की सजा सुनाई है। मामला दस साल पहले का है। मृतक के बेटे ने ही पुलिस में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी थी। जांच में बेटा ही हत्यारा निकला।
थाना अछल्दा क्षेत्र के ग्राम चिमकुनी में 10 वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट विकास गोस्वामी ने वृद्ध मां की कुल्हाड़ी से हत्या करने के दोषी पुत्र दशरथ सिंह सहित तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक अभियुक्त पर 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। इस घटना में हत्या करने वाले पुत्र ने ही अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराकर अपने अपराध पर पर्दा डालने का कुप्रयास किया था। लेकिन विवेचना के दौरान वह बच नहीं सका।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश पोरवाल ने बताया कि थाना अछल्दा में गांव चिमकुनी निवासी दशरथ सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें लिखा कि 17 जुलाई 2015 को उसकी 70 वर्षीय मां राममूर्ति खाना खाकर घर के बाहर चारपाई पर लेट गई थी। सुबह जब देखा तो मां वहां नहीं मिली।
खोजबीन करने पर गांव वालों ने बताया कि तुम्हारी मां नदी किनारे खेत में मृत अवस्था में पड़ी है। अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से मां की हत्या कर दी है, सूचना देने आया हूं। इस तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला पंजीकृत हुआ। पुलिस ने विवेचना में पाया कि वादी पुत्र ने ही साथियों का सहयोग लेकर कुल्हाड़ी से मां की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया था। उसके तीन साथी संजीव उर्फ संजू यादव निवासी इमलिया का पुर्वा थाना बकेवर जिला इटावा, ध्यान सिंह निवासी चिमकुनी व राजवीर के नाम प्रकाश में आए व चारों आरोपितों के विकह आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट में चला।
विचारण के दौरान एक अभियुक्त राजवीर सिंह की मृत्यु हो गई। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने वादी की निशान देही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद की। दशरथ सिंह मृतका का सगा पुत्र है। मां की हत्या करने से सामाजिक विश्वास को ठेस पहुंची व उसका नैतिक पतन दर्शाता है। इस अपराध के लिए उसे कठोर दंड मिलना चाहिए। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने निर्णय सुनाया। तीनों अभियुक्तों को जिला कारागार इटावा भेज दिया। मां की हत्या क्यों की, इस बात का स्पष्ट कारण साबित नहीं हुआ।
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