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    Badaun News : राजस्व विभाग की टीम पर हमला करने वाले 52 आरोपितों पर FIR, 16 को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 07:22 PM (IST)

    बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र के कैमी गांव में राजस्व विभाग की टीम पर हमले के मामले में पुलिस ने 17 नामजद समेत 52 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य फरार हैं। टीम कब्जा हटाने गई थी तभी उन पर हमला हुआ।

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    राजस्व विभाग की टीम पर हमला करने वाले 52 आरोपितों पर प्राथमिकी। जागरण

    संवादसूत्र, बदायूं । हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव कैमी में राजस्व विभाग की टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने 17 नामजद समेत 52 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। बताया जा रहा है कि इसमें 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य आरोपित गांव से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीम लगा दी गई है।

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    गुरुवार शाम राजस्व विभाग की टीम एक जगह को कब्जा मुक्त कराने कैमी गांव पहुंची थी। उसी दौरान टीम पर हमला कर दिया गया था और काफी देर तक ड्रामा किया था लेकिन बाद में आरोपित मौके से ही खिसक गए थे।

    मामला हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव कैमी का है। यहां के राजेश्वर सिंह ने तहसील प्रशासन से शिकायत की थी कि उनके गांव के रामसरन पुत्र गंगा सिंह ने अपना मकान रास्ते में बढ़ाकर बना लिया है, जिससे तमाम लोगों का निकास बंद हो गया है। कई बार कहने पर वह नहीं मान रहे हैं। इस संबंध में लेखपाल ने मौके पर जाकर जांच की थी और कब्जा हटाने को आरोपितों को नोटिस भी दिया था लेकिन वह कब्जा हटाने को तैयार नहीं हुए तो इस संबंध में तहसीलदार न्यायालय में एक मुकदमा चलाया गया।

    उसमें तहसीलदार ने जगह को कब्जा मुक्त कराने का आदेश पारित किया था। इस आदेश के अनुसार लेखपाल जितेंद्र कुमार और गौरव सक्सेना गुरुवार दोपहर बाद पुलिस वालों के साथ कैमी गांव पहुंचे थे। वह जगह का मौका मुआयना कर रहे थे कि इस दौरान रामसरन और उसके परिवार वालों ने आकर गाली गलौज शुरू कर दी।

    विवाद की स्थिति देख लौट रहे थे घर

    लेखपाल गौरव कुमार का कहना है कि वह विवाद की स्थिति देखकर वापस लौट रहे थे कि रामसरन, रामरहीम, लालाराम, सूरजपाल, रविंद्र, सतेंद्र, ओमेंद्र, सोनू, बलवीर, रामआसरे, मनोज, कपूर, रामबाबू, हनुमंत, रजनेश, नक्षत्र पाल और रामदेवी के अलावा करीब 30-35 अज्ञात लोग आ गए और उन्होंने सीधे उनके ऊपर हमला कर दिया। उनके हाथ में सरकारी अभिलेख लगे थे। वह छीनकर फाड़ दिए गए और फिर लाठी डंडे व ईंट पत्थर लेकर उनको पीटने लगे।

    रविंद्र और रामसरन ने उन्हें जान से मारने का प्रयास किया। उन्हें जमीन पर गिरा लिया गया और उनका गला दबा दिया गया। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने जैसे-तैसे लेखपाल को बचाया। बाद में आरोपितों ने उनकी गाड़ी घेर ली और उस पर पथराव कर दिया। गाड़ी के शीशे तोड़ डाले। यह देखकर थाने से और पुलिस बल बुलाया गया।

    उसके बाद आरोपितों ने ड्रामेबाजी शुरू कर दी। रामसरन का भतीजा मनोज और रामसरन की पत्नी रामदेवी सड़क पर लेट गईं और वहां जाम लगा दिया। गाड़ी से टक्कर मारने का आरोप लगाया। बाद में भी टीम के ऊपर पथराव किया गया, जिसमें सभी लोग बाल-बाल बच गए।

    किन मामलों में हुआ केस दर्ज

    लेखपाल जितेंद्र कुमार ने सभी 17 नामजद और 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ साधारण दंगा, दंगे में जानलेवा हमला, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, उकसावे में आकर हमला, चोट पहुंचाना, उकसावे में आकर आपराधिक बल प्रयोग करना, जानलेवा या चोट पहुंचाने की धमकी, अपराध करने के लिए उकसाना, क्षति पहुंचाना, सरकारी कार्य में बाधा डालना, प्रशासन के खिलाफ विवाद, ज्वलनशील पदार्थ से हमला करना, दूसरा विवाद बताना, प्रशासन के खिलाफ उतरने को उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

    युवक का कराया मेडिकल, नहीं मिले चोटों के निशान

    - गुरुवार को जो युवक मनोज वाहनों के आगे लेट गया था और स्वजन उस पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगा रहे थे। दोपहर बाद उसका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया लेकिन उसके शरीर पर कोई चोटों के निशान नहीं मिले। वह गांव से नाटक करते हुए जिला अस्पताल पहुंचा था और वहां जाकर बेंच पर उठकर बैठ गया। बाद में सभी लोग अपने रिश्तेदारी में चले गए। वह लौटकर गांव नहीं आए।

    दोबारा टीम भेज कर हटवाया जाएगा निर्माण

    एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इन लोगों ने जगह पर कब्जा कर लिया था और उस पर निर्माण भी करा लिया था। गुरुवार को इन्होंने बवाल किया, जिसकी वजह से निर्माण नहीं हटाया जा सका लेकिन अब दोबारा टीम भेज कर निर्माण हटाया जाएगा।