आचार संहिता उल्लंघन: MLC वागीश पाठक दोषमुक्त, बोले- ये फैसला सपा के गलत कार्यों पर करारा तमाचा
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में एमएलसी वागीश पाठक को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। समर्थकों ने खुशी मनाई और उनका स्वागत किया। वागीश पाठक ने कहा कि यह फैसला तत्कालीन सपा सरकार के गलत कार्यों पर करारा तमाचा है, जिसने चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीके अपनाए थे। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताया।

समर्थकों के साथ वागीश पाठक।
जागरण संवाददाता, बदायूं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी व वर्तमान में सदस्य विधान परिषद वागीश पाठक व अन्य के खिलाफ आचार संहिता उल्ल्घंन का मुकदमा दर्ज किया गया था। शनिवार को सिविल जज सीनीयर डिवीजन के न्यायालय से विभिन्न साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के परीक्षण के बाद वागीश पाठक समेत सभी को दोषमुक्त कर समाप्त कर दिया, जिससे उनके समर्थकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। न्यायालय के निर्णय के बाद वागीश पाठक के समर्थकों ने फूल माला पहना कर उनका स्वागत किया।
सपा पर लगाए आरोप
न्यायलय के निर्णय के पश्चात क्षेत्र से आए विभिन्न कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वागीश पाठक ने कहा कि तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने भाई को बदायूं लोकसभा से चुनाव जिताने के लिए फर्जी मुकदमों व चूथ कैप्चरिंग सहित तमाम अनैतिक कार्यों को करने का काम किया। आज का निर्णय तत्कालीन सपा सरकार पर करारा तमाचा है। यह भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देता है कि सत्य सिर्फ परेशान हो सकता है किन्तु कभी पराजित नहीं हो सकता।
न्यायलय से दोषमुक्त होने पर वागीश पाठक का स्वागत करने वालों में विजय शर्मा, शैलेन्ह मोहन शर्मा, मनोज कुष्ठा गुप्ता, अमित मिश्रा, राघवेन्द्र यादव, सहित कई कार्यकर्ता रहे।

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