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    चवन्नी दी नहीं और किसान से करा लिया 70 लाख की जमीन का बैनामा... फर्जीवाड़े में प्रापर्टी डीलर समेत पांच नामजद 

    By Kapil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 30 Nov 2025 03:57 PM (IST)

    बागपत में एक किसान को बिना पैसे दिए 70 लाख की जमीन का धोखे से बैनामा कराने पर प्रॉपर्टी डीलर समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। किसान अजय कुमार त्यागी ने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी डीलर सुशील कुमार गुर्जर ने एग्रीमेंट कराकर और फिर उसे रद्द करके धोखाधड़ी की। जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

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    बागपत में एक किसान को बिना पैसे दिए 70 लाख की जमीन का धोखे से बैनामा कराने पर प्रॉपर्टी डीलर समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। (प्रतीकात्मक फोटो) 

    जागरण संवाददाता, बागपत। एक चवन्नी दिए बगैर किसान की करीब 70 लाख की जमीन का धोखे से बैनामा कराने के मामले में पांच आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इनमें दिल्ली का एक प्रापर्टी डीलर और दो भतीजे शामिल हैं।

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    खेकड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम नया सुभानपुर निवासी किसान अजय कुमार त्यागी ने गत 14 नवंबर को एएसपी प्रवीण सिंह चौहान से शिकायत कर आरोप लगाया था कि दिल्ली के करावलनगर निवासी प्रापर्टी डीलर सुशील कुमार गुर्जर व उनके दो भतीजे अक्षय व अंकुर के साथ भूमि की खरीद-फरोख्त का कार्य करता है। सुशील कुमार ने 65 लाख रुपये प्रति कच्चा बीघा की दर से 1,033 वर्ग गज भूमि का सौदा किया था, जिसकी कीमत करीब 70 लाख रुपये है।

    सुशील ने अपने साथी दीपक कुमार चचडा निवासी गीता कालोनी व जितेंद्र सिंह निवासी चंद्रनगर उत्तर पूर्वी दिल्ली के नाम नवंबर 2024 में भूमि का एग्रीमेंट करा लिया था। इसके बाद 30 जुलाई 2025 को एग्रीमेंट कैंसिल करा लिया था। इसके बाद आरोपित सुशील कुमार ने अपने पार्टनरों से छोटे-छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री कराकर अवैध कालोनी बना दी।

    ऐतराज किया कि एंग्रीमेंट वालों को ही रजिस्ट्री की जाएगी तो आरोपित सुशील ने अपने साथी जितेंद्र के नाम रजिस्ट्री करा ली, जिसमें स्टाफ फीस की भी चोरी की गई। बाद में दिए गए 34.51 लाख रुपये के दो चेक बाउंस हो गए। भूमि में से 100 वर्ग मीटर के प्लाट की रजिस्ट्री जितेंद्र से एक अन्य व्यक्ति के नाम करा दी गई। इस संबंध में तहसील के अफसरों को अवगत कराया गया तो जमीन की बिक्री पर रोक लगी।

    वहीं, एएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी फ्राड सेल से जांच कराई। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। 28 नवंबर की रात खेकड़ा थाने में पांचों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा किया गया। उधर, खेकड़ा सीओ रोहन चौरसिया का कहना है कि मुकदमे की विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।