बलिया में एनएच- 31 पर फिर शुरू हुआ रिसाव, गांव में मची अफरा- तफरी, प्रशासन मरम्मत में जुटा
बलिया में एनएच-31 पर चांद दियर पुलिस चौकी के पास बाढ़ के पानी के रिसाव से अफरातफरी मच गई। गंगा और सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढा बन गया और पानी गांवों की ओर बढ़ने लगा। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद प्रशासनिक राहत का दौर शुरू हुआ।

जागरण संवाददाता, बलिया। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 पर चांद दियर पुलिस चौकी (मांझी घाट) के निकट बाढ़ के पानी के रिसाव के कारण गुरुवार को अफरातफरी मच गई। स्थानीय निवासियों ने इस स्थिति की जानकारी चांद दियर पुलिस चौकी को दी।
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कटाव की संभावित जानकारी होने के बाद आनन फानन पुलिस चौकी ने तुरंत उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह और अन्य अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी, एनएचआई और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घंटों की मेहनत के बाद पानी का रिसाव रोकने में सफलता मिली। इसके साथ ही गांव के लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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चांद दियर के प्रधान प्रतिनिधि सुमेर यादव और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गंगा और सरयू नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी अचानक सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर रिसने लगा, जिससे एक बड़ा गड्ढा बन गया। पानी तेजी से यादव नगर, पलटू नगर और नई बस्ती की ओर बढ़ने लगा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने दौड़कर इसकी सूचना चांद दियर पुलिस को दी।
उप जिलाधिकारी, एनएचआई और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रिसाव वाले स्थान पर टीन की चादर लगाई और मिट्टी भरी सीमेंट की बोरियां डालकर जेसीबी से मिट्टी भरकर रिसाव को बंद किया। उप जिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि जलकल विभाग ने यहां पाइप नहीं डाला था, जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई। ऐसा प्रतीत होता है कि जंगली जीव-जंतुओं के मांद बनाने के कारण पानी का रिसाव शुरू हुआ।
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हालांकि, अब राष्ट्रीय राजमार्ग-31 सुरक्षित है और रिसाव को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्परता दिखाई, जिससे बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सका। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बाढ़ की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए उचित उपाय किए जाएंगे। इस घटना ने बाढ़ प्रबंधन की चुनौतियों को भी उजागर किया है, जिससे प्रशासन को आगे की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इस प्रकार, चांद दियर क्षेत्र में बाढ़ के पानी के रिसाव की स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में राहत की भावना है।
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