बुंदेलखंड के किसानों के लिए खुशखबरी! सरकार इस योजना में दे रही 80% सब्सिडी, जल्दी से करें आवेदन
बुंदेलखंड के किसानों के लिए सोलर फेंसिंग योजना में शामिल होने का अंतिम मौका है। सरकार ने आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। यह योजना बेसहारा गोवंशियों से फसलों को बचाने में मदद करती है। किसानों को कुल खर्च का केवल 20% देना होगा, बाकी सरकार अनुदान देगी।

जागरण संवाददाता, बांदा। बेसहारा गोवंशियों से फसलों की सुरक्षा के लिए सरकार ने बुंदेलखंड के किसानों के लिए सोलर फेंसिंग योजना शुरू की है। इसकी अंतिम तिथि 15 मई व बाद में पांच सितंबर तक की गई थी।
जिसमें सभी जिलों से लक्ष्य के सापेक्ष किसानों ने 60 प्रतिशत से अधिक आवेदन किये। किसानों की रुचि देखते हुए शासन ने तीसरी बार फिर से साइट को 31 दिसंबर तक के लिए खोल दी है। इसमें जो भी किसान अभी इस योजना में शामिल होकर लाभ लेना चाहते हैं, उनके लिए सुनहरा मौका है। वह आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि यह किसानों के लिए अंतिम मौका है।
बेसहारा गोवंशियों के चलते फसल चौपट होने को लेकर बुंदेलखंड के किसान हमेशा परेशान रहते हैं। अन्ना प्रथा के चलते एक फसली खेती ही कर पाते हैं। सोलर फेंसिंग का उपयोग मुख्य रूप से घूम रहे बेसहारा गोवंशियों को खेतों में प्रवेश करने से रोकने के लिए किया जाता है। बेसहारा गाेवंशियों के अलावा अन्य मवेशियों को नियंत्रित करने में मदद करती है।
उत्तराखंड में सोलर फेंसिंग के क्रियान्वयन से किसानों को मिल रहे लाभ व बेसहारा गोवंशियों से निजात मिलने के बाद अब इस योजना की शुरूआत बुंदेलखंड में की गयी है। बुंदेलखंड के सातों जिलों के 49 विकास खंडों में किसानों के क्लस्टर बना कर योजना का लाभ दिया जाना था।
इस योजना में कुल 843 क्लस्टर बनाए जाने का लक्ष्य है, इसमें बांदा के आठ ब्लाकों में 145, चित्रकूट के पांच ब्लाकों में 92, हमीरपुर के सात ब्लाकों में 118, महाेबा के चार ब्लाकों में 79, ललितपुर के छह ब्लाकों में 104, जालौन के नौ ब्लाकों में 160 व झांसी के आठ ब्लाकों में 145 क्लस्टर शामिल हैं।
समिति बनाकर दिया जाएगा किसानों को लाभ
प्रत्येक 70 से 140 बीघे के एक क्लस्टर में न्यूनतम पांच किसानों की एक समिति बनेगी। जिसमें किसानों में से एक अध्यक्ष व शेष सदस्य होंगे। इस समिति का सचिव कृषि विभाग का कर्मचारी होगा।
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद एक क्लस्टर की कुल खेती (70 से 140 बीघे भूमि) में सोलर फेंसिंग में लगने वाले तार, इंगल, सोलर पैनल, सायरन, गेट आदि में आने वाले खर्च का 20 प्रतिशत किसानों को जमा करना होगा।
शेष 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। विभाग का दावा है कि 60 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो गया है। यदि कोई किसान अभी इस योजना का लाभ लेना चाहता है तो वह पांच सितंबर तक आनलाइन आवेदन कर सकता है।
सभी जिलों के किसान सोलर फेंसिंग योजना के लिए आवेदन किये हैं। करीब 60 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो गया है। जो भी किसान अभी आवेदन कर योजना का लाभ लेना चाहता हो वह आनलाइन आवेदन कर सकता है। डा. एलबी यादव, संयुक्त कृषि निदेशक, चित्रकूट धाम मंडल
योजना एक नजर में
- योजना -सोलर फेंसिंग योजना
- लाभ- बेसहारा गोवंशियों से फसलों की सुरक्षा
- जिले- बुंदेलखंड के सातों जिलों में शुरू
- आवेदन की अंतिम तिथि- 31 दिसंबर
- अनुदान- 80 प्रतिशत
- कृषक अंश-20 प्रतिशत

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