शिवमय हुआ बरेली! सात मंदिरों के नाम पर बने भव्य प्रवेश द्वार; बदल गई शहर की पूरी तस्वीर
बरेली की पौराणिक पहचान को नया स्वरूप दिया गया है, जिसमें सात प्राचीन नाथ मंदिरों के नाम पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। दिल्ली की ओर से महंत अवेद्यन ...और पढ़ें

स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में
जागरण संवाददाता, बरेली। सात प्राचीन नाथ मंदिरों वाले बरेली की पौराणिक पहचान को नया स्वरूप दिया गया है। शहर में दिल्ली की ओर से प्रवेश करेंगे तब महंत अवेद्यनाथ द्वार की भव्यता आकर्षित करेगी।
लखनऊ रूट से आने पर अलखनाथ द्वार एवं आगरा-बदायूं रूट से आने पर तपेश्वरनाथ द्वार मोह लेगा। इन सभी द्वारों पर भगवान शिव के स्वरूप लगाए गए हैं। धार्मिक महत्व के साथ बरेली की मेरा साया फिल्म के गाने वाली पहचान- झुमका गिरा रे... को भी जीवंत रखा गया है।
दिल्ली वाले छोर पर झुमके की नई आकृति बनवाई जा रही। इसे फरवरी में नये प्लेटफार्म पर और नये स्वरूप में लगवाया जाएगा। बरेली में भगवान शिव के अलखनाथ, टीबरीनाथ, तपेश्वरनाथ, पशुपतिनाथ, धोपेश्वरनाथ, मणिनाथ, बनखंडीनाथ मंदिर हैं।
इनके लिए पर्यटन विभाग नाथ कारिडोर बनवा रहा है। सभी मंदिरों का सुंदरीकरण भी कराया जा रहा है। इससे पहले बरेली विकास प्राधिकरण ने इन्हीं मंदिरों के नाम पर प्रवेश द्वार बनवाए। लखनऊ रोड पर अलखनाथ प्रवेश द्वार पर नटराज की प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है।
दिल्ली रोड पर महंत अवेद्यनाथ द्वार पर ध्यानमग्न भगवान शिव की प्रतिमा और त्रिशूल सुसज्जित किया गया है। 20 फीट ऊंचे नंदी की प्रतिमा भी स्थापित की जा चुकी है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मनिकंडन ए.ने बताया कि इस तिराहे पर पूर्व में झुमके की भव्य आकृति लगाई थी। वह पुरानी हो चुकी है। झुमके की नई आकृति तैयार कराई जा रही है। यह अवेद्यनाथ द्वार के पास पुराने स्थान पर ही लगाई जाएगी।
फरवरी में यह कार्य भी पूर्ण कर दिया जाएगा। तीन वर्ष पहले तीनों प्रमुख द्वारों का कार्य आरंभ कराया गया था। अब यह कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे पहले नैनीताल की ओर से शहर में प्रवेश मार्ग पर विशाल डमरू चौक बनवाया जा चुका है।
पूर्व में उस स्थान को डेलापीर चौराहा के नाम से जाना जाता था। प्राधिकरण ने पिछले वर्ष उसका सुंदरीकरण कराने के बाद भव्य डमरू लगवाया था। इस सड़क का नाम भी कैलाश मार्ग किया जा चुका है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।