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    साइबर ठगी: हवाला-CBI के झांसे में फंसा शख्स, 'डिजिटल अरेस्ट' से ₹68 हजार गंवाए

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 03:21 PM (IST)

    एक व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो गया, जिसमें उसे हवाला और सीबीआई के नाम पर डराया गया। 'डिजिटल अरेस्ट' का नाटक करके धोखेबाजों ने उससे 68 हजार रुपये ठग लिए। साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए सावधानी बरतना ज़रूरी है।

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    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    जागरण संवाददाता, बरेली। एक तरफ पुलिस साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए तमाम प्रयास में जुटी है। वहीं, दूसरी ओर साइबर ठग नए-नए पैंतरे अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। हाल ही में साइबर ठगों ने हवाला की रकम मंगाने के नाम पर एक व्यक्ति को धमकाया और वाट्स-एप पर फोन कर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। एक घंटे तक डिजिटल अरेस्ट के दौरान ठगों ने 68 हजार से अधिक रुपये की ठगी कर ली। मामले में पीड़ित के शिकायती पत्र पर इज्जतनगर थाने में प्राथमिकी पंजीकृत की गई है।

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    महानगर उद्यन पार्ट दो के निवासी सैयद हुसैन शमीम नकवी ने पुलिस को बताया कि, 18 नवंबर को उनके वाहट्स-एप नंबर पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कहा कि वह सीबीआइ से बोल रहे हैं और तुमने हवाला का रुपया अपने पास मंगाया है। इसलिए तुम्हारे ऊपर मुकदमा लिखा जा रहा है। इससे घबराए सैयद हुसैन ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हैं। वह इस तरह का कोई काम नहीं करते हैं।

    इसके बाद धमकाते हुए लहजे में ठगों ने कहा कि, यदि अभी एक फाइल नहीं बनवाई तो मुकदमा हो जाएगा। फाइल बनवाने के बारे में जब उन्होंने कहा कि इसके लिए क्या करना होगा तो ठगो ने 1500 रुपये की मांग की। डरे सहमे सैयद ने पहली बार में 1500 रुपये भेज दिए। इसके एक घंटे बाद फिर से उन्हें वाट्स-एप काल किया और कहा कि, सीनियर अधिकारी बात करना चाहते हैं।

    इस बार सीनियर अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने फिर से धमकाना शुरू कर दिया। कहा कि उनके विरुद्ध हवाला का रुपया मंगवाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। धीरे-धीरे साइबर ठगों ने ठगी की रकम को बढ़ाना शुरू कर दिया और 68450 रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब सैयद को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने फोन काटा और थाने में प्राथमिकी पंजीकृत कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    ट्रेडिंग के नाम पर 6.05 लाख की ठगी

    बरेली : बारादरी के काजी टोला निवासी जियाउल अंसारी को भी साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। उन्हें वाट्स-एप पर संदेश भेजकर ट्रेडिंग का झांसा दिया और 6.05 लाख रुपये ठग लिए। मामले में बारादरी थाने में प्राथमिकी लिखी गई है। जियाउल अंसारी ने पुलिस को बताया कि, 21 अगस्त को उनके वाट्स-एप नंबर पर एक संदेश आया।

    उन्हें शेयर मार्केट में इंवेस्ट करने पर मोटे मुनाफे का झांसा दिया गया। शुरूआत में ठगों ने कुछ लाभ दिया, लेकिन बाद में उन्होंने किसी दूसरे प्लेटफार्म पर ट्रेडिंग की सलाह दी। इसके बाद जब वह वहां पहुंचे तो पहली बार में ठगों ने 6.05 लाख रुपये इंवेस्ट कराए और बाद में सभी का नुकसान बताकर ठग लिए। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है।

    लड़की बनकर फेसबुक से फंसाया, फिर इंवेस्टमेंट के नाम पर ठगे 99.46 लाख

    बरेली : प्रेमनगर के रजत कुमार गुप्ता ने साइबर थाने में प्राथमिकी पंजीकृत कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि, उनके फेसबुक पर रितिक गोस्वामी के नाम से एक लड़की की रिक्वेस्ट आई। उन्होंने जब उसे एक्सेप्ट कर लिया तो दोनों में बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों की वाट्स-एप पर भी बात शुरू हो गई।

    आरोप है कि कुछ दिनों बाद युवती ने वेरीग्रेट स्टोर डाट काम नाम के प्लेटफार्म के बारे में बताया और इंवेस्ट करने के लिए फोर्स किया। आरोप है कि 22 जुलाई से लेकर तीन नवंबर तक उसने 99.46 लाख रुपये इंवेस्ट कराए और ठगी कर ली। मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी पंजीकृत की गई है।

     

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