Bijnor: गिलाड़ी से निकल रहे खिलाड़ी, कोच करन की मेहनत लाई रंग, प्रधानमंत्री कर चुके हैं वेटलिफ्टर तुषार की प्रशंसा
Bijnor News बिजनौर के पर्व चौधरी और तुषार चौधरी ने अहमदाबाद में चल रही कामनवेल्थ चैंपियनशिप में वेटलिफ्टिंग के सब जूनियर वर्ग में दो-दो स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। दोनों खिलाड़ी गांव गिलाड़ी में कोच करन सिंह के सेंटर पर ट्रेनिंग लेते हैं। पर्व ने 94 किलोग्राम और तुषार ने 110 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीते।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। अहमदाबाद में चल रही कामनवेल्थ चैंपियनशिप में सब जूनियर वर्ग में वेटलिफ्टर पर्व चौधरी और तुषार चौधरी ने दो-दो स्वर्ण पदक जीतकर जिले व देश का नाम रोशन किया है। इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। दोनों खिलाड़ी गांव गिलाड़ी में कोच करन सिंह के सेंटर पर ट्रेनिंग लेते हैं। करन सिंह खुद भी विश्वविद्यालय स्तर पर वेटलिफ्टिंग में पदक जीत चुके हैं। अब वे अपने गांव में वेटलिफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके शिष्य विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तीस से अधिक पदक जीत चुके हैं।
पर्व ने 94 किलोग्राम और तुषार ने 110 किलोग्राम भारवर्ग में लिया हिस्सा
गांव फुलसंदा निवासी वेटलिफ्टरों पर्व चौधरी और तुषार चौधरी ने कामनवेल्थ चैंपियनशिप में दो-दो गोल्ड मेडल जीते हैं। पर्व ने 94 किलोग्राम भारवर्ग में सब जूनियर व जूनियर वर्ग में भाग पंजीकरण कराया। पर्व ने दोनों श्रेणी में 337 किलोग्राम भार उठाया। स्नैच में 149 तथा क्लीन एंड जर्क में 188 किलोग्राम वजन उठाया। गांव के ही तुषार चौधरी 110 किलोग्राम भारवर्ग में यूथ और जूनियर वर्ग में पंजीकृत थे। तुषार ने 285 किलोग्राम भार उठाया। स्नैच में 125 तथा क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम भार उठाया। तुषार ने भी दोनों श्रेणी में गोल्ड मेडल जीते हैं।
अहमदाबाद में 24 अगस्त से शुरू हुई कामनवेल्थ चैंपियनशिप में सबजूनियर वर्ग में पर्व चौधरी 94 किलोग्राम और तुषार चौधरी 102 किलोग्राम भारवर्ग में प्रतिभाग किया। दोनों ही गांव गिलाड़ी के रहने वाले हैं। पर्व चौधरी ने इससे पहले फिजी में हुए जूनियर कामनवेल्थ चैंपियनशिप में यूथ वर्ग में स्वर्ण पदक, यूथ वर्ल्डकप में रजत व कांस्य और एशियन चैंपियनशिप में यूथ वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले पर्व चौधरी ने एशियन चैंपियनशिप में यूथ वर्ग में 328 किलोग्राम भार उठाया था जो वह अपने वर्ग में भारत में रिकार्ड है। इसके अलावा तुषार चौधरी हाल ही में आयोजित खेलो इंडिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। तुषार चौधरी ने 290 किलोग्राम भार उठाया था। खेलो इंडिया में यह भी रिकार्ड है।
हिमांशु चांग और जसवंत चांग भी रहे नामी खिलाड़ी
कोच करन सिंह के बेटे जसवंत चांग और भतीजे हिमांशु चांग भी नामी वेटलिफ्टर रह चुके हैं। हिमांशु चांग ने एशियन व साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीते थे। हिमांशु ने भी साउथ एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। अब ये दोनों युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
करन सिंह की मेहनत से वेटलिफ्टरों का सेंटर बना गिलाड़ी
बिजनौर को वेटलिफ्टिंग में जोड़ने का श्रेय कोच करन सिंह को जाता है। वे खुद भी चौधरी चरण विश्वविद्यालय में तीन वर्ष तक लगातार गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं। उनके भतीजे हिमांशु चांग और बेटे जसवंत चांग भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं।
गांव गिलाड़ी निवासी करन सिंह चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में पढ़े हैं। वे वर्ष 1978 से 80 तक विश्वविद्यालय में वेटलिफ्टिंग के गोल्ड मेडलिस्ट रहे। पढ़ाई पूरी की तो गांव आकर खेती शुरू कर दी लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल तीने का सपना था। उन्होंने अपने भतीजे हिमांशु चांग और बेटे जसवंत चांग और पास के गांव के विपुल शर्मा को वेटलिफ्टिंग का प्रशिक्षण देना शुरू किया। वर्ष 2000 में वेटलिफ्टिंग का लाखों रुपये का माल भी खुद ही खरीदा और अपने घर में गिलाड़ी कोचिंग सेंटर नाम से प्रशिक्षण देना शुरू किया। इन तीनों ने करन सिंह को निराश नहीं किया और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीते। अभी भी दो दर्जन से अधिक युवा उनके पास प्रशिक्षण ले रहे हैं। वेटलिफ्टिंग में बिजनौर के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के कारण वेटलिफ्टिंग को एक जिला एक खेल में शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री ने की थी तुषार की प्रशंसा
हाल ही में खेलो इंडिया चैंपियनशिप में गांव फुलसंदा के खिलाड़ी तुषार चौधरी ने तीन रिकार्ड बनाए थे। उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। तुषार चौधरी की प्रशंसा तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी की थी। उन्होंने मन की बात कार्यक्रम में तुषार का नाम लिया था।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।