Bulandshahar News: स्याना हिंसा मामले में योगेश राज जमानत पर रिहा, अब 37 दोषी हैं जेल में
बुलंदशहर के स्याना हिंसा मामले में जिला पंचायत सदस्य योगेश राज को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें 1 अगस्त को अदालत ने सात वर्ष की सजा सुनाई थी। योगेश राज शनिवार को जिला जेल से रिहा हो गए। 2018 में स्याना के चिंगरावठी में हिंसा हुई थी जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या हो गई थी।

जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। स्याना हिंसा मामले में एक अगस्त को अदालत ने 33 दोषियों को सात वर्ष व पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत के फैसले में सात वर्ष की सजा पाने वाले जिला पंचायत सदस्य योगेश राज को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। शनिवार को जिला जेल से योगेश राज बाहर आ गया।
तीन दिसंबर 2018 को स्याना कोतवाली क्षेत्र के चिंगरावठी में हिंसा हुई थी। इस हिंसा में तत्कालीन इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर दी गई थी। वहीं सड़क पर जाम लगाने के दौरान चिंगरावठी चौकी में आगजनी करते हुए निजी व सरकारी वाहनों को जला दिया गया था।
इस मामले में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एक अगस्त को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कुल 38 दोषियों को सजा सुनाई थी। इसमें 33 दोषियों को सात वर्ष व पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसमें पांच दोषी प्रशांत नट, राहुल, जोनी, डेविड औ लोकेंद्र को इंस्पेक्टर की हत्या मामले में आजीवन कारावास दिया गया।
तत्कालीन बजरंग दल के जिला संयोजक रहे व वार्ड पांच से जिला पंचायत सदस्य योगेश राज समेत 33 को सात-सात वर्ष का कारावास समेत अर्थदंड सुनाया गया था। सभी दोषी जिला कारागार में हैं। इसके बाद कुछ दोषियों ने जमानत के लिए अधिवक्ता द्वारा हाईकोर्ट में अपील की।
योगेशराज के अधिवक्ता ब्रूनो भूषण ने बताया कि हाईकोर्ट से योगेश राज की जमानत मंजूर हो गई है। योगेश राज इस मुकदमे में अब जेल में चार वर्ष दो माह से अधिक का समय बिता चुका है। हाईकोर्ट ने योगेश राज को 50 हजार रुपये के मुचलका समेत इसी धनराशि के दो जमानतदारों के संतुष्टि पर छोड़ने का आदेश दिया है। शनिवार को जिला जेल से योगशराज बाहर आ गया।
ये था मामला
तीन दिसंबर 2018 की सुबह सात बजे गांव माहाद में ग्रामीणों ने खेतों में मारे गए गोवशियों के अवशेष देखे। जानकारी मिलने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और हंगामा किया। इसी दौरान बुलंदशहर में आयोजित इज्तमा में गोवंशी का मांस भेजने जाने की अफवाह फैल गई।
सूचना पर तत्कालीन एसडीएम अविनाश मौर्य, कोतवाली प्रभारी सुबोध कुमार, तहसीलदार राजकुमार भास्कर मय फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों व कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण व कार्यकर्ता शांत नहीं हुए।
इसके बाद ग्रामीण गोवंशियों के अवशेषों को ट्रैक्टर ट्राली में भरकर स्याना बुलंदशहर मार्ग पर स्थित चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंच गए और मार्ग के बीच में ट्रैक्टर ट्राली खड़ी करके जाम लगा दिया।
इसी दौरान चिंगरावठी, महाव, हरवानपुर, बरौली वासुदेवपुर समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। गुस्साए ग्रामीणों व हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव कर दिया था। इस मामले में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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