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    यूरिया नहीं मिल पाई तो किसान किस चीज को विकल्प के तौर पर करें इस्तेमाल? एक्सपर्ट ने कर दी कंफ्यूजन दूर

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 05:30 PM (IST)

    चंदौली में यूरिया की कमी को देखते हुए कृषि विभाग किसानों को अमोनियम सल्फेट का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है क्योंकि यह यूरिया का बेहतर विकल्प है। इस उर्वरक में नाइट्रोजन और सल्फर दोनों होते हैं जो मिट्टी के स्वास्थ्य और फसल उत्पादन के लिए बहुत उपयोगी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अमोनियम सल्फेट यूरिया की तुलना में अधिक प्रभावी है

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    यूरिया का विकल्प अमोनियम सल्फेट, बेहतर रहेगा मृदा का स्वास्थ्य

    जागरण संवाददाता, चंदौली। किसानों में यूरिया के लिए मची हाय तौबा को देखते हुए कृषि विभाग की ओर से अब किसानों को यूरिया का बेहतर विकल्प अमोनियम सल्फेट का प्रयोग करने को जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग का मानना कि यूरिया का उत्तम विकल्प अमोनियम सल्फेट है।

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    यह उर्वरक नाइट्रोजन के साथ-साथ सल्फर पोषक तत्व की जरूरत को पूरा करने को सबसे भरोसेमंद विकल्प है। किसान यूरिया के स्थान पर अमोनियम सल्फेट का अधिक से अधिक प्रयोग करें, इसमें नाइट्रोजन के साथ सल्फर भी पाया जाता हैं।

    इसमें पाया जाने वाला नाइट्रोजन ज्यादा स्थाई होता है। खेत में इसका प्रभाव ज्यादा दिनों तक बना रहता है। इससे फसल उत्पादन, मिट्टी की उर्वरता और समग्र कृषि लाभ के लिए अत्यंत उपयोगी है। विज्ञानियों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह उर्वरक न केवल फसल के लिए असरदार है, बल्कि मृदा स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखता है।

    अमोनियम सल्फेट की विशेषताएं

    अमोनियम सल्फेट में 20.5 प्रतिशत अमोनिकल नाइट्रोजन और 23 प्रतिशत सल्फर पाया जाता है। अमोनिकल नाइट्रोजन पौधों को लंबे समय तक धीरे-धीरे उपलब्ध रहती है, जबकि यूरिया का नाइट्रोजन अक्सर हवा में उड़ जाता है या पानी में घुलकर लीचिंग हो जाता है। इसके अलावा, अमोनियम सलफेट में 100 प्रतिशत जल में घुलनशील सल्फर पोषक तत्व होेते हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और फसल उत्पादकता में वृद्धि होती है। सल्फर की पर्याप्त मात्रा के कारण किसानों को अलग से सल्फर खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

    मुख्य फायदे

    -फसलों को तुरंत और लंबे समय तक मिलने वाला नाइट्रोजन।

    -यूरिया पर बढ़ते दबाव से राहत और बेहतर विकल्प।

    -मिट्टी में संचित फास्फोरस का बेहतर उपयोग। इससे डीएपी की खपत घटती है।

    -स्वस्थ फसल से कीटनाशक और दवाइयों का खर्च कम।

    -किसानों से अपील है कि वे अमोनियम सल्फेट को अपनाएँ और बेहतर पैदावार, कम लागत और मृदा स्वास्थ्य में सुधार का लाभ उठाएँ। जनपद के सभी उर्वरक विक्रेता से अपील है कि किसान 

    अमोनियम सल्फेट किसानों के लिए सबसे सस्ता और ज्यादा फायदेमंद विकल्प है। एक बोरी में लगभग 11.5 किलो सल्फर के साथ संतुलित नाइट्रोजन उपलब्ध है। यूरिया की तुलना में यह ज्यादा स्थायी, बरसात में भी सुरक्षित है और ज्यादा कार्य क्षमता है। किसान एक बोरी यूरिया के स्थान पर आधी बोरी अमोनियम सल्फेट का प्रयोग करें। -विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी