Chanduali Double Murder Case: दोहरे हत्याकांड में पांच दोषियों को आजीवन कारावास, 2009 में वारदात को दिया अंजाम
चंदौली में एक अदालत ने दोहरे हत्याकांड के मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 2009 का है जिसमें वादिनी मोहिनी सिंह के पिता और भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला अपर जनपद व सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) पारितोष श्रेष्ठ की अदालत ने सुनाया।

जागरण संवाददाता, चंदौली। अपर जनपद व सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) पारितोष श्रेष्ठ की अदालत ने शनिवार को दोहरे हत्याकांड के मामले में पांच दोषियों महुअर कलां निवासी केशरी सिंह, अजीत सिंह, सुनील सिंह, धर्मराज सिंह व संतोष सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने दोषियों पर 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। घटना में एक अन्य आरोपित रामलखन सिंह की मृत्यु दौरान विचारण हो चुकी है। मामला बलुआ थाने से जुड़ा है।
अभियोजन के अनुसार वादिनी मोहिनी सिंह निवासी महुअर कलां के पिता सुरेंद्र सिंह व भाई जयकिशन सिंह 7 फरवरी 2009 को चार बजे भोर में मारकंडेय महादेव मंदिर दर्शन करने गए थे। सुबह सात बजे वादिनी को सूचना मिली की उसके पिता व भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
शव बनरावाली बारी (सरफुद्दीनपुर) में पडा है। वादिनी की तहरीर पर कोटे की रंजिश को लेकर हत्या किए जाने को लेकर पुलिस ने छह आरोपितों के खिलाफ थाना बलुआ में धारा 147, 148, 149 व 302 आइपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। कोर्ट ने पिता व भाई की हत्या में दोषसिद्धि पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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