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    किसानों को कागजात संभालने की जरूरत नहीं, अब Smart Card में रहेगा जमीन-आधार संबंधित ब्यौरा

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 05:40 PM (IST)

    चंदौली में सहकारी समितियों से जुड़े किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें अपनी जमीन के कागजात संभालने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि खसरा खतौनी और आधार कार्ड सहित सारा विवरण एक ही स्मार्ट कार्ड में उपलब्ध होगा। सितंबर से यह प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है जिसके बाद किसानों को उर्वरक स्मार्ट कार्ड पर ही मिलेगा। इसके लिए सदस्यता अभियान भी चलाया जाएगा।

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    अब स्मार्ट कार्ड में रहेगा किसानों का जमीन व आधार संबंधित ब्यौरा।

    जागरण संवाददाता, चंदौली। सहकारी समितियों से जुड़े किसानों के लिए बेहतर पहल होने जा रही है। उनके जमीन से जुड़े कागजात खसरा, खतौनी सहित अन्य अलग-अलग संभाल कर नहीं रखने होंगे, बल्कि स्मार्ट कार्ड में उनके जमीन से संबंधित सारा ब्यौरा उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा आधार कार्ड का ब्यौरा भी इसी स्मार्ट कार्ड में रहेगा।

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    इसके लिए जनपद में पूर्व से संचालित 83 व नवनिर्मित 21 सहकारी समितियों की आइडी तैयार कर ली गई है। इन समितियों के जितने भी सदस्य किसान है उनका स्मार्ट कार्ड बनेगा।

    दरअसल सभी समितियों के आइडी के लिए यूपी 67 कामन कोड जारी किया गया, इसके आगे तीन अंक का समितियों का कोड बनाकर आइडी जेनरेट कर दिया गया है। यह आइडी मुख्यालय भी भेज दी गई है। मुख्यालय से अपलोड होते ही समिति के सदस्यों की आइडी जेनरेट कर स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

    विभागीय दावे पर विश्वास करें तो सितंबर माह से प्रक्रिया शुरू हो जाएगा और अब आगे किसानों को स्मार्ट कार्ड पर ही उर्वरक दिया जाएगा। स्मार्ट कार्ड के अलावा समितियों से लाभ वहीं किसान ले पाएंगे जिनके पास समिति का कम से कम दो शेयर होगा। एक शेयर न्यूनतम सौ रुपये है।

    महाअभियान में जोड़े जाएंगे अधिक से अधिक किसान

    जनपद में पूर्व से 83 समितियों को संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा 21 नई समितियों का निर्माण कर संचालन शुरू कर दिया गया है। इन समितियों के लगभग 51 हजार किसान सदस्य हैं। आगामी एक सितंबर से 30 सितंबर तक सदस्यता महाअभियान चलाया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक किसानों को समिति से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया। सदस्यता शुल्क 21 रुपये निर्धारित किया गया है।

    समितियों आइडी बनाकर मुख्यालय भेज दिया गया है। जैसे आइडी स्वीकृत हो जाती है, किसानों की आइडी जेनरेट कर स्मार्ट कार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि सितंबर माह से यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    श्रीप्रकाश उपाध्याय, एआर कापरेटिव