पालतू कुत्ता बना जान का दुश्मन, बच्चे की गर्दन नोचता रहा, लोगों को नहीं सुनाई दिया मौत का शोर
इटावा के लालपुरा पजैया न्यू बस्ती में बच्चे की मौत ने सभी को झकझोर दिया। 11 वर्षीय फाहिल नामक बालक को पालतू कुत्ते ने गर्दन पर हमला करके मार डाला। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। कुत्तों से अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कुत्ता मालिक को हिरासत में ले लिया गया है।

जागरण संवाददाता, इटावा। लालपुरा पजैया न्यू बस्ती में शुक्रवार सुबह 11 वर्षीय बालक फाहिल को पालतू कुत्ते द्वारा गर्दन नोंचकर मार डालने की ह्रदय विदारक घटना ने शहर के नागरिकों में दहशत फैला दी है। अब शहर के लोग आवारा एवं पालतू कुत्तों से खुद के साथ अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे हैं। भले ही पुलिस प्रशासन ने घटना में कुत्ते के हमले में बालक की मौत को जिम्मेदार मान लिया हो परंतु शहर की जनता में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
आखिर एक पालतू कुत्ते ने बालक की नोंच-नोंचकर जान ले ली और कुत्ता मालिक के साथ स्थानीय लोग कैसे मूकदर्शक बने रहे। उन्हें कुत्ते के नोचने पर बालक के चीखने चिल्लाने की आवाजें कैसे और क्यों सुनाई नहीं दी? और मौत के बाद ही आखिर कैसे पता चला कि कुत्ते ने उसे काटकर मार डाला, यह सारे सवाले अभी प्रश्न चिन्ह बने हुए हैं। यदि बालक को नोंचते हुए मालिक या फिर स्थानीय लोगों ने देखा तो आखिर उसे बचाया क्यों नहीं।
बालक का शव मिलने के बाद घटनास्थल पर जाते लोग। जागरण
यही नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि एक अकेला देसी पालतू कुत्ता बालक को मार नहीं सकता, जिस तरह के घाव बच्चे की गर्दन पर थे उससे प्रतीत हो रहा है कि किसी दूसरे खूंखार कुत्ते ने उस पर हमला बोलकर उसकी ऐसी हालत की है। क्योंकि मृतक बालक की गर्दन पर कई घाव थे, जिसमें सामने दांयी तरफ गला कटने जैसा बड़ा घाव होने के अलावा अगल बगल व पीछे की तरफ छोटे छोटे 4 से 5 नुकीली वस्तु घुसने जैसे गहरे घाव भी थे, जिससे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी नुकीली चीज घोंपी गई हो।
पुलिस फाहिल की गर्दन पर मिले इन घावों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कुत्ते के दांतों का होना बता रही है। पुलिस द्वारा पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में आयी रिपोर्ट में फाहिल की मौत की वजह एंटी मार्टम इंजरी, शोक एंड डेथ आया है, जिससे यह साबित होता है कि मृत्यु से पहले आयी चोटों के कारण उसकी मौत हुई है। लेकिन यह चोट कुत्ते के काटने से ही है या फिर कुत्ते से बचने के लिए भागते समय गिरने से घटना स्थल पर पड़ी किसी धारदार या नुकीली चीज घुसने से हुई है, इसकी जांच करने की बात कही है।
बीच आबादी प्रात: नौ बजे घटित हुई घटना, फिर भी पता कैसे नहीं चला
11 वर्षीय फाहिल की मौत को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाए हैं। घटना स्थल पर जुटे स्थानीय लोगों में कुछ उसकी धारदार हथियार से गला रेते जाने की बात कह रहे थे तो कुछ कुत्ते के काट खाने से मौत की बात कहता दिख रहा था। परंतु पजैया न्यू बस्ती में जिस स्थान पर फाहिल का शव आबादी के बीच खाली प्लाट में पड़ा मिला उस स्थान पर आसपास 50 से 100 मीटर के दायरे में कई घर बने हुए हैं और लोग उनमें रहते भी हैं।
शहंशाह का इकलौता पुत्र था फाहिल, मां का हो गया था देहांत
गाड़ीपुरा निवासी 11 वर्षीय फाहिल अपने पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मां की दो वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। तब से उसकी परवरिश बुआ नसीम बानो कर रही थीं। बैंडबाजा बजाने के साथ कबाड़ की फेरी लगाने का काम करने वाले पिता शहंशाह के कुछ महीनों से बीमार रहने के कारण फाहिल कबाड़ बीनकर अपनी जरूरतें पूरी करता था।
डाग स्कवायड घटना स्थल के साथ नितिन के घर तक गया
पुलिस ने मौके पर डाग स्कवायड टीम को बुलवाया, डाग स्कवायड टीम का कुत्ता घटना स्थल पर घूमने के साथ 100 मीटर दूर बने नितिन वाल्मीकि के घर तक गया लेकिन अंदर नहीं घुसा। थाना प्रभारी यशवंत सिंह ने बताया कि बालक के स्वजन की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नही हुई है, तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। कुत्ता मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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