यूपी में नेवी अफसर की पत्नी की मौत मामले में GRP इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, रेलवे ट्रैक पर मिला था शव
इटावा में नौसेना अफसर की पत्नी आरती यादव की ट्रेन से गिरकर संदिग्ध मौत के मामले में जीआरपी इंस्पेक्टर दिनेश प्रताप शर्मा को लाइन हाजिर किया गया है। उन पर प्रारंभिक जांच में लापरवाही और उच्चाधिकारियों को देरी से सूचना देने का आरोप है। घटना 26 नवंबर को हुई थी, जिसमें आरती की साम्हो स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने से मौत हो गई थी। परिजनों ने टीटीई पर आरोप लगाए थे।

जागरण संवाददाता, इटावा। नौसेना अफसर की पत्नी आरती यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रेन से गिरकर हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही बरतने एवं उच्चाधिकारियों को देरी से रिपोर्ट देने पर रेलवे एसपी अनिल कुमार झा ने जीआरपी प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप शर्मा को रविवार को लाइन हाजिर कर दिया है।
बता दें 26 नवंबर को गायत्री नगर भोगनीपुर कानपुर देहात के रहने वाले नौसेना अफसर अजय की पत्नी आरती यादव की साम्हो स्टेशन के पास रेलवे फाटक संख्या 19-सी के पास पटना-आनंद बिहार स्पेशल ट्रेन से संदिग्ध हालातों में गिरने से मौत हो गई थी। इस हादसे की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस दोनों घटनास्थल पर पहुंचीं। लेकिन यह निर्धारित करने में कई घंटे से अधिक समय चला गया कि यह क्षेत्र किसके अधिकार क्षेत्र में आता है।
इस सीमा विवाद के चलते शव घटनास्थल पर काफी देर तक पड़ा रहा और न तो समय पर पंचनामा हुआ, न ही कोई जांच प्रक्रिया शुरू हो सकी। आखिर में सिविल पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
महिला की पहचान और उसके सामान के संबंध में भी जीआरपी की ओर से तत्परता नहीं दिखाई गई और घटना को प्रारंभिक स्तर पर सामान्य आत्महत्या या दुर्घटना मानकर छोड़ दिया गया था। हालांकि बाद में जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महिला आरती यादव निवासी गायत्री नगर, पुखरायां, कानपुर देहात दिल्ली दवा लेने जा रही थी।
आरती के स्वजन ने टीटीई संतोष कुमार पर आरोप लगाया कि टिकट विवाद के दौरान उसने पहले महिला का बैग फेंका और फिर धक्का देकर चलती ट्रेन से गिराया, तो मामला गंभीर हो गया। जांच में महिला का बैग न मिलना इस शक की पुष्टि का आधार बना। यहीं नहीं मोबाइल भी गायब होने से संदेह और गहरा हुआ। इसी आधार पर टीटीई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
जीआरपी सीओ उदय प्रताप सिंह ने पूरे मामले में विभाग के सूचना तंत्र में चूक मानते हुए घटना की जानकारी कई घंटे बाद उन्हें मिलने की बात स्वीकार करते हुए उच्चाधिकारियों को पूरी रिपोर्ट भी दी। उन्होंने यह भी माना कि यदि समय पर सूचना मिलती तो जांच की दिशा और भी प्रभावी होती।
सीओ उदय प्रताप सिंह की रिपोर्ट मिलने और घटनाक्रम का अध्ययन करने के बाद एसपी रेलवे अनिल कुमार झा ने माना कि शुरुआती स्तर पर जीआरपी प्रभारी निरीक्षक की भूमिका बेहद लापरवाह रही। इसी आधार पर उन्होंने जीआरपी प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप शर्मा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। सीओ ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया, प्रशांत कुमार को कार्यभार दिया गया है।

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