'यहां बैल भी दुकान के सामने खड़े होकर करते हैं वेलकम', मुरादनगर मेन मार्केट का काला सच आया सामने
मुरादनगर के रावली रोड स्थित मेन मार्केट में व्यापारी और स्थानीय लोग गंदगी, जर्जर तारों और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से परेशान हैं। सफाई की कमी और अवैध कब्जों के कारण स्थिति और भी खराब है। पीने के पानी और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। व्यापारियों ने कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

रावली रोड पर झूलते बिजली के तार। जागरण
विजय भूषण त्यागी, मुरादनगर। रावली रोड के मेन मार्केट में व्यापारियों और स्थानीय लोगों को इन दिनों कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर के मुख्य मार्केट में से एक होने के बावजूद, यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। सफाई अभियान में व्यस्त सफाई कर्मचारी हफ्तों तक गायब रहते हैं। अगर आते भी हैं, तो वे एक खास एरिया में काम करके लौट जाते हैं, और सड़क किनारे कूड़े के ढेर छोड़ जाते हैं। गंदगी के कारण नालियां जाम रहती हैं। घूमते जानवरों के कारण ड्राइवरों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
मार्केट में पार्किंग की पर्याप्त जगह नहीं है। मार्केट में बिजली के खंभों पर लगे जर्जर तार खतरनाक तरीके से लटकते हैं, जिससे अगर कोई बड़ी गाड़ी आती है तो गाड़ी तारों से छू सकती है। मार्केट में लटकते बिजली के तारों से हमेशा एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है। बिजली निगम के कर्मचारी हर महीने मीटर रीडिंग चेक करके बिल थमा देते हैं, लेकिन तारों की समस्याओं की किसी को परवाह नहीं है।
कुछ लोगों ने सड़क पर गैर-कानूनी तरीके से जनरेटर और दूसरे उपकरण रखकर सड़क पर कब्जा कर लिया है। कब्जे की समस्या के कारण सुबह और शाम के समय मार्केट में ट्रैफिक जाम रहता है। खास मौकों पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। पीने के पानी जैसी बेसिक सुविधाओं की कमी के कारण आने वालों को पानी खरीदना पड़ता है। मार्केट के व्यापारी लंबे समय से वाटर कूलर और पब्लिक टॉयलेट बनवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
बारिश के मौसम में पानी भरना मार्केट के लोगों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। कई इलाकों में नए कंस्ट्रक्शन और ऊंचे नालों के कारण मार्केट की सड़कें कम गहरी हो गई हैं। इससे बारिश में पानी भर जाता है। हमने कई बार इसकी शिकायत की है - प्रमोद गोयल।
शाम को जब महिलाएं और युवतियां शॉपिंग करने जाती हैं, तो कई असामाजिक तत्व बाइक पर ग्रुप बनाकर मार्केट से गुजरते हैं और शोर मचाते हैं। अगर व्यापारी ऐसे लोगों का विरोध करते हैं, तो वे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। - संदीप सिंघल
मार्केट की ट्रेड एसोसिएशन ने कई बार अलग-अलग फोरम पर इस समस्या के समाधान की मांग की है। हालांकि अधिकारी अक्सर व्यापारियों के साथ मीटिंग में एक्शन का वादा करते हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया है। - अनुपम
सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवर कई दुकानों के सामने खड़े होकर रास्ता रोकते हैं, जिससे ग्राहकों का अंदर आना मुश्किल हो जाता है। कई बार जानवर गुस्सैल हो गए हैं और आस-पास के लोगों और कस्टमर्स पर हमला कर दिया है। शिकायतों के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया गया है। - अंकित
नगरपालिका का हर डिपार्टमेंट लोगों की दिक्कतों को दूर करने के लिए अलग-अलग लेवल पर काम कर रहा है। सफाई कर्मचारियों के अलावा, रोज़ाना तय जगहों पर गाड़ियां भी भेजी जाती हैं। लोगों को जानकारी देने के लिए गाड़ियों पर स्पीकर भी लगाए गए हैं। आवारा जानवरों और बंदरों की समस्या को दूर करने के लिए रेगुलर कैंपेन भी चलाए जाते हैं। मेन मार्केट में बिजनेस करने वालों से अक्सर कॉन्टैक्ट किया जाता है। सभी दिक्कतों पर काम किया जा रहा है। – डॉ. शैलेंद्र कुमार, EO, नगर पालिका

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