खोड़ा में गंगाजल आपूर्ति को लेकर कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी को किया तलब, 17 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
खोड़ा में गंगाजल आपूर्ति की अनुमति न देने पर हाईकोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण को तलब किया है। कोर्ट ने प्राधिकरण के वकील को 17 सितंबर को होने वाली सुनवाई में अपना पक्ष रखने को कहा है। याचिकाकर्ता को प्राधिकरण के वकील को याचिका की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जल निगम को खोड़ा के लिए पानी का वैकल्पिक स्रोत खोजने के निर्देश दिए गए हैं।

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। खोड़ा में गंगाजल की आपूर्ति की अनुमति न देने पर हाईकोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण को तलब किया है। 17 सितंबर को होने वाली सुनवाई में प्राधिकरण के वकील को सभी जवाबों के साथ अपना पक्ष रखना होगा। इसके लिए याचिकाकर्ता सतीश कुमार गुप्ता को याचिका की एक प्रति नोएडा प्राधिकरण के वकील को उपलब्ध करानी होगी। साथ ही जल निगम के मुख्य अभियंता को भी उपस्थित रहने को कहा गया है।
21 अगस्त को कोर्ट में सुनवाई के दौरान नगर पालिका खोड़ा के वकील विनायक वर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अमृत 2.0 परियोजना के तहत जलापूर्ति के लिए जो भी आवश्यक था। वह नगर पालिका द्वारा किया जा चुका है और आगे की कार्रवाई जल निगम द्वारा की जानी है।
इस पर कोर्ट ने जल निगम के अधिवक्ता हर्षवर्धन गुप्ता को निर्देश दिया कि वह बताएं कि खोड़ा नगर पालिका परिषद में परियोजना के तहत जलापूर्ति स्थापित करने में क्या बाधा आ रही है। कोर्ट ने 28 अगस्त को फिर सुनवाई की। जल निगम के अधिवक्ता हर्षवर्धन गुप्ता ने कहा है कि नोएडा प्राधिकरण परियोजना के लिए आवंटित पानी के बंटवारे के लिए सहमत नहीं है।
वर्तमान में खोड़ा मकनपुर नगर पालिका परिषद कुछ इलाकों में ट्यूबवेल के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर रही है। इसके अलावा, खोड़ा नगर पालिका सिद्धार्थ विहार के 240 एमएलडी डब्ल्यूटीपी (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) से प्रतिदिन 70 टैंकरों के माध्यम से गंगाजल की आपूर्ति भी कर रही है। खारे भूजल को ध्यान में रखते हुए, खोड़ा में जलापूर्ति के लिए गंगनहर के गंगाजल को उपयुक्त पाया गया।
इसके लिए सिद्धार्थ विहार प्लांट से केवल 50 एमएलडी गंगाजल ही उपयुक्त पाया गया, इसका भी नोएडा में उपयोग नहीं हो रहा है। नोएडा प्राधिकरण से एनओसी मिलने की बात को ध्यान में रखते हुए 183.39 करोड़ की अनुमति प्रदान की गई। नगर पालिका को बजट की स्वीकृति भी मिल गई थी।
नोएडा प्राधिकरण ने बैठक में गंगाजल देने से किया इनकार
जल निगम का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ने बताया कि 14 अगस्त को उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लखनऊ में एक बैठक हुई थी। इसमें एनओसी के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। बैठक के दौरान, नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि मास्टर प्लान में आवासीय क्षेत्र के विस्तार के कारण बढ़ती माँग को देखते हुए वर्तमान में अप्रयुक्त गंगाजल का उपयोग शीघ्र ही किया जाएगा। इसलिए खोड़ा को गंगाजल देना संभव नहीं है।
नगर पालिका द्वारा जलापूर्ति के स्रोत की तलाश का दावा
बैठक के दौरान, नोएडा प्राधिकरण की राय को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश जल निगम को खोड़ा मकनपुर नगर पालिका परिषद के लिए जल का वैकल्पिक स्रोत खोजने के निर्देश दिए गए। उनके निर्देश पर, जल का एक स्थायी स्रोत खोजा जा रहा है। स्रोत मिलने पर, डीपीआर को अनुमोदन के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
26 दिसंबर 2023 को गंगाजल के लिए सहमति मिलने का दावा
याचिकाकर्ता ने कहा कि 26 दिसंबर 2023 को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बताया गया कि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने नोएडा को आवंटित गंगाजल से 50 एमएलडी पेयजल साझा करने पर पहले ही सहमति दे दी है।
इस पर कोर्ट ने कहा कि अब याचिकाकर्ता नोएडा प्राधिकरण के वकील को भी रिट याचिका की एक प्रति उपलब्ध कराएगा। मामले को 17 सितंबर को नए सिरे से सुनवाई के लिए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण के वकील को भी उपस्थित रहना होगा।
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