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    पुलिस की तकनीक देख रोमांच से भर आईं बेटियां, बाल दिवस पर गाजीपुर में जाना कंट्रोल रूम व आर्म्स की विशेषता

    दैनिक जागरण ने बाल दिवस पर डालिम्स सनबीम स्कूल आदर्श बौद्ध इंटर कालेज रामप्रसाद स्मारक इंटर कालेज की छात्राओं को पुलिस के कामकाज से रूबरू कराया। पुलिस की तकनीक और संसाधनों को देख बेटियां रोमांच से भर गईं। उन्होंने अपनी जिज्ञासा दूर कर खूब जानकारी ली।

    By Avinash SinghEdited By: Anurag SinghUpdated: Mon, 14 Nov 2022 09:26 PM (IST)
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    गाजीपुर : छात्राओं को इंसास गन के बारे में जानकारी देते सीओ सिटी।

    गाजीपुर, जागरण संवाददाता। दैनिक जागरण ने बाल दिवस पर डालिम्स सनबीम स्कूल, आदर्श बौद्ध इंटर कालेज, रामप्रसाद स्मारक इंटर कालेज की छात्राओं को पुलिस के कामकाज से रूबरू कराया। पुलिस की तकनीक और संसाधनों को देख बेटियां रोमांच से भर गईं। उन्होंने अपनी जिज्ञासा दूर कर खूब जानकारी ली। पुलिस लाइन परिसर में करीब 70 की संख्या में छात्राओं को सीओ सिटी गौरव कुमार ने उन्हें लक्ष्य हासिल करने के लिए टिप्स देने के साथ-साथ कठिन समय में पुलिस के कार्य को अनोखे अंदाज में समझाया। महिला थानाध्यक्ष रेनू ने छात्राओं व महिलाओं को सरकार के हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।

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    पुलिस लाइन सभागार में सीओ सिटी गौरव कुमार ने कहा कि असफलता मिलने पर धैर्य रखें और कठिन परिश्रम करते रहें। अगर आप किसी भी क्षेत्र में कुछ अच्छा करना चाहते हैं तो अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दें। हमें भी चौथी बार में सफलता मिली थी। इसलिए जो कुछ भी करें मन से करें, दिखावा ना करें। बताया कि पुलिस का कार्य बाहर से जितना आसान दिखता है उतना है नहीं। हमें आप हर जगह देखते हैं। पूजा, मेला, सभा, मनोरंजन, यज्ञ, बैंक, चौराहे, बाजार जहां भी भारी भीड़ इकट्ठा होने की संभावना होती है, वहां हम होते हैं।

    कानून व्यवस्था को कायम रखना सबसे बड़ी हमारी जिम्मेदारी हाेती है। इसमें चुनौतियां बहुत होती है। प्रशिक्षु डीएसपी शेखर सेंगर ने कहा कि सिविल परीक्षाओं के लिए इंटर की बढ़ाई के साथ ही विचार तय कर लें तो सफलता मिलने में आसानी होगी। एकाग्रचित होकर पढ़ाई करें।

    देखीं कैसे काम करती है पुलिस

    सीओ सिटी ने छात्राओं को कंट्रोल रूम दिखाया। वह छात्राओं को लेकर डायल-112 के कंट्रोल रूम में गए। बताया कि डायल-112 पर काल आते ही तैनात कर्मी लोकेशन को ट्रेस करने के साथ ही पास की पीआरबी (डायल 112 की गाड़ी)को सूचित करते हैं। उन्होंने 1090 के बारे में भी बताया कि हम कैसे शिकायत करने वाली महिलाओं का नाम उजागर नहीं होने देते हैं। इसके बाद वह कंट्रोल रूम पहुंचे।

    बताया कि पुलिस वायरलेस पर कैसे काम करती है। कैसे यहां से सुदूर स्थित थानों तक सूचना तुरंत पहुंचाई जाती है। बताया कि यहां 24 घंटे खुला रहता है। यहां के कर्मचारी बदलते रहते हैं। कोडवर्ड में पुलिस बात करती हो, ताकि वायरलैस पर आमजन प्रसारित संदेश को न समझ सके।

    आर्म्स को देखकर हो गईं राेमांचित

    छात्राओं के निवेदन पर वह शस्त्रागार गए। सभी छात्राओं को बाहर खड़ा किया और उन्हें यह भी बताया कि कैसे हम विपरित परिस्थितियों में भीड़ को नियंत्रण करते हैं। बताया कि किस परिस्थिति में कौन से असलहे का प्रयोग किया जाता है, ताकि किसी को नुकसान ना सके।

    बताया कि जब समय एकदम विपरित होता है तब हम कड़े कदम उठाते हैं। उन्होंने आंसू गन और इंसास की उपयोगिता बताई।छात्राएं रोमांचित हो गईं और कई प्रश्न भी कीं जिसका सीओ सिटी ने उन्हीं के अंदाज में उत्तर भी दिया। इसके साथ ही पुलिस के परेड व आदेश कक्ष के बारे में भी बताया।