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    Ghazipur Parking Problem: जिले में पार्किंग बड़ी समस्या, सड़क पर खड़े वाहन बढ़ा रहे विवाद

    Updated: Fri, 22 Aug 2025 06:28 PM (IST)

    गाजीपुर में पार्किंग एक बड़ी समस्या बन गई है जहाँ सड़क किनारे वाहन खड़े करने से अक्सर विवाद होते हैं। निवासियों का कहना है कि गाड़ी हटाने को लेकर झगड़े आम हैं और पहले जैसा अपनापन अब नहीं रहा। पुलिस और समाजशास्त्रियों का मानना है कि यह सुनियोजित व्यवस्था के अभाव और संवेदनाओं के क्षरण का परिणाम है।

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    जिले में पार्किंग बड़ी समस्या, सड़क पर खड़े वाहन बढ़ा रहे विवाद

    जागरण संवाददाता, गाजीपुर। दिल्ली और बड़े शहरों की तरह अब जिले जैसे कस्बाई इलाकों में भी पार्किंग की समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप लेती जा रही है। जनपद में किसी भी स्थान पर नियमित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से लोग मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़ा करते हैं। खासकर कालोनियों और भीड़भाड़ वाले मोहल्लों में यह स्थिति और विकराल हो जाती है।

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    सड़क पर गाड़ियां खड़ी होने से आए दिन लोगों के बीच नोकझोंक और विवाद की नौबत आ जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गाड़ी हटाने को लेकर अक्सर झगड़े होते हैं। कई बार तो मामूली बहस हाथापाई तक पहुंच जाती है। बुजुर्गों का मानना है कि पहले मोहल्लों में अपनापन और धैर्य था, लेकिन अब छोटी-छोटी बातों पर असहिष्णुता बढ़ रही है।

    यही कारण है कि पार्किंग जैसी सामान्य समस्या भी विवाद का कारण बन रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर और बाजार क्षेत्रों में पार्किंग की कोई सुनियोजित व्यवस्था नहीं है। नतीजा यह है कि सड़क पर खड़ी गाड़ियों के कारण जाम लगता है और टकराव की स्थिति बनती है।

    समाजशास्त्रियों का मानना है कि यह केवल व्यवस्था का अभाव ही नहीं, बल्कि धैर्य और संवेदनाओं के क्षरण का भी नतीजा है। लोगों की मांग है कि नगर निकाय और प्रशासन को जल्द से जल्द पार्किंग स्थलों की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही, कालोनियों में रेजिडेंट्स वेलफेयर कमेटी बनाकर स्थानीय स्तर पर समाधान की पहल जरूरी है। अन्यथा छोटी-छोटी तकरारें बड़ी घटनाओं में बदल सकती हैं।

    वाहन पार्क करने को लेकर इन स्थानों पर रोज होती किच किच

    गर के लंका, विशेश्वरगंज, मिश्रबाजार, रौजा, कचहरी रोड, महुआबाग, एसआईसी कार्यालय के नीचे, राजकीय मेडिकल कालेज के जिला अस्पताल के पास, गोराबाजार आदि इलाकों में हर दिन दुकानदार व स्थानीय लोगों में वाहनों को खड़ा करने को लेकर विवाद होता है। हालांकि अभी इसको लेकर कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है।

    पहले लोग मोहल्ले में एक-दूसरे के वाहन को खुद हटाकर जगह बना लेते थे, कोई बुरा नहीं मानता था। अब छोटी-सी बात पर झगड़ा शुरू हो जाता है। यह बदलाव चिंताजनक है। -रमेश यादव, पक्का इनार

    जिले में पार्किंग की व्यवस्था कहीं नहीं है। हर कोई अपनी गाड़ी जहां जगह मिली, वहीं छोड़ देता है। इससे न सिर्फ राहगीरों को परेशानी होती है बल्कि विवाद भी बढ़ते हैं। -सुधीर, नवापुरा।

    शाम को बच्चों को लेकर बाहर निकलने से भी डर लगाता है। सड़क पर दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी रहती हैं, निकलने का रास्ता ही नहीं मिलता। ऊपर से लोग बात करने पर उल्टा गाली-गलौज पर उतर आते हैं। -सुरेश चंद्र पांडेय चंदननगर

    प्रशासन को अब पार्किंग व्यवस्था पर ध्यान देना होगा। सड़कें गाड़ियों के खड़े करने के लिए नहीं बनी हैं। अगर यही हाल रहा तो आगे चलकर यहां भी बड़े शहरों जैसी मारपीट और अपराध बढ़ सकते हैं। -दिलीप गुप्ता तरांव

    शहर के लिए यह समस्या बड़ी है। पार्किंग के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। अभी फिलहाल शहर में टाउन हाल के पास जगह चिह्नित किया जा रहा है। यहा पार्किंग स्थल बनाने के बाद अन्य जगह भी चिह्नित किये जाएंगे। -डीके राय, अधिशासी अधिकारी।