अब आधार कार्ड नहीं होगा सरकारी योजनाओं के लाभ का 'आधार', सत्यापन के लिए ये डॉक्यूमेंट है जरूरी
आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में अस्वीकार करने से कल्याणकारी योजनाओं पर असर पड़ेगा। पेंशन, पुष्टाहार, और कृषि योजनाओं में आधार सत्यापन की जगह अब जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ ज़रूरी होंगे। इससे लाभार्थियों के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी हो सकती हैं, क्योंकि कई लोगों के पास ये दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं। शासन के नए निर्देशों का इंतज़ार है।

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार न किए जाने के ताजा निर्णय ने कई कल्याणकारी योजनाओं से लाभांवित लोगों को मिल रहे लाभ के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।
प्रदेश सरकार ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि आधार केवल पहचान और सत्यापन के लिए मान्य है। जन्मतिथि प्रमाणित करने वाला दस्तावेज नहीं है।
यह निर्देश ऐसे समय आया है। जब जिले में लगभग एक लाख से अधिक लाभार्थियों की पेंशन फाइलें इसी आधार से जुड़ी हुई है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की पुष्टाहार भी आधार सत्यापन पर मिलता है।
नियोजन विभाग द्वारा सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि किसी भी प्रमाणित दस्तावेज के आधार पर नहीं होती। इसलिए अब से इसे जन्मतिथि के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार न किया जाए। जन्म प्रमाण पत्र, हाईस्कूल प्रमाण पत्र, नगर पालिका या स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र जैसे पारंपरिक दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे।
जनपद में इस संभावित बदलाव ने सबसे अधिक चिंता पेंशन योजनाओं को लेकर बढ़ाई है। वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और विधवा पेंशन जैसे कार्यक्रमों में अधिकांश लाभार्थी आवेदन आधार कार्ड के आधार पर ही कर रहे थे।
इन सभी की पात्रता जांच और नवीनीकरण अब नए नियमों के कारण प्रभावित हो सकती है। आंगनवाड़ी केंद्रों पर लगभग डेढ़ लाख बच्चे आधार सत्यापन से ही पुष्टाहार प्राप्त करते हैं। कृषि विभाग और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में भी आधार को जन्मतिथि का प्रमाण माना जाता है। जिले में अधिकांश लाभार्थियों के पास जन्म प्रमाण पत्र या हाईस्कूल का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना भी उनके लिए चुनौती होगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि अभी शासन से कोई दिशा निर्देश नहीं मिले है। इसलिए अभी यह कहना मुश्किल है कि आवेदनों का क्या होगा और नए आवेदनों में जन्मतिथि सत्यापन कैसे होगा। शासन के आदेशों के अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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