जौनपुर में कफ सीरप की तस्करी में और चार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज, हो रहे रोज नए खुलासे
जौनपुर में कफ सीरप तस्करी मामले में पुलिस ने चार और लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि ये सभी आरोपी तस्करी में शामिल थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है और जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश करने की बात कह रही है।

औषधि निरीक्षक रजत कुमार की तहरीर पर इन पर शनिवार को मुकदमा पंजीकृत किया गया।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। कोडीनयुक्त कफ सीरप की अवैध तस्करी में जनपद के चार और आरोपितों पर मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस अब तक कुल 18 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर चुकी है। वान्या इंटर प्राइजेज दिल्ली द्वारा जनपद की तीन फर्मों को कागज पर लगभग 2.61 करोड़ की एक लाख 86 हजार 475 बाटल कफ सीरप की आपूर्ति की गई है।
औषधि निरीक्षक रजत कुमार की तहरीर पर इन पर शनिवार को मुकदमा पंजीकृत किया गया। रजत कुमार ने बताया कि उपायुक्त (औषधि), खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन के उपायुक्त के निर्देश और सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकार्ड की जांच की गई।
इसमें मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज दिल्ली के प्रोपराइटर विशाल उपाध्याय निवासी अशोक विहार कालोनी सरसावा देहात सहारनपुर द्वारा जौनपुर में कोडीनयुक्त कफ सीरप एस्कफ सीरप भारी मात्रा में बिक्री किया गया है। निर्देश पर सीरप की खरीद करने वाली फर्मों की जांच कर सत्यापन किया गया।
जांच में रिकार्ड फर्म मेसर्स आकाश मेडिकल एजेंसी, स्थित 43 चितरसारी शंकर मंडी रोड, कोतवाली फर्म के प्रोपराइटर आकाश मौर्य निवासी चितरसारी, फर्म मेसर्स शिवम मेडिकल एजेंसी रामपुर (पदुमपुर) पोस्ट- सदर, थाना- सरायख्वाजा के प्रोपराइटर शिवम कुमार मौर्य निवासी जमालपुर पोस्ट सदर और एक अन्य फर्म मेसर्स- मनीष मेडिकल एजेंसी 271 विशेषरपुर चौकिया चौराहा, थाना- लाइनबाजार फर्म के प्रोपराइटर अरुण सोनकर चितरसारी द्वारा कोडीनयुक्त कफ सिरप का गैर चिकित्सकीय प्रयोग किया गया है।
इस मामले मेंदवा की तस्करी का चर्चित मास्टर माइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल समेत 14 लोगों के विरुद्ध पहले ही मुकदमा पंजीकृत किया गया है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि जांच में तीन और तस्करी के कारोबार में संलिप्त मिले हैं। इन आरोपितों के विरुद्ध भी जल्द ही मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।

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