Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बेरहम; प्रेमी के साथ रह रही थी मां, दिव्यांग बेटे से छुटकारा पाने को पीट-पीटकर मार डाला, आजीवन कैद

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 06:20 PM (IST)

    कन्नौज में दिव्यांग बेटे की हत्या के मामले में मां और उसके प्रेमी को कोर्ट ने आजीवन कैद की सजा सुनाई है। मां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई थी। अपने साथ दिव्यांग बेटे को भी ले गई थी। दिव्यांग बेटे को उसने प्रेमी के साथ मिलकर पीट-पीटकर मार डाला था। पिता की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ और कोर्ट ने सजा सुनाई।

    Hero Image
    दिव्यांग बेटे की हत्या करने वाली मां और उसका प्रेमी।

    जागरण संवाददाता, कन्नौज। पीट-पीट कर बेरहमी से दिव्यांग बेटे की हत्या करने में मां और उसके प्रेमी को न्यायालय ने सजा सुनाई। महिला और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की कैद और अर्थदंड लगाया गया है। हत्या के बाद से दोनों जेल में हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सौरिख थाना के सकरावा रोड अंबेडकरनगर निवासी धर्मेंद्र गिहार ने कानपुर नगर के शिवराजपुर निवासी सोनी से शादी की थी। सोनी का पड़ोस के गांव जमाली नगला निवासी गुड्डू उर्फ शिवशंकर से प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया था। धर्मेंद्र ने जब प्रेम-प्रसंग का विरोध किया, तो मई 2024 में सोनी 12 वर्षीय दिव्यांग बेटे जतिन उर्फ भोलू और 10 वर्षीय बेटी जानवी को लेकर प्रेमी गुड्डू उर्फ शिवशंकर के घर उसके साथ रहने लगी।

    29 जुलाई 2024 की रात सोनी ने प्रेमी गुड्डू के साथ मिलकर बेरहमी से पिटाई कर जतिन की हत्या कर दी थी। इसकी सूचना मिलने पर परिवार के साथ पहुंचे धर्मेंद्र ने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पत्नी सोनी और गुड्डू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी सौरिख दिग्विजय सिंह ने की।

    शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश पूर्णिमा पाठक ने मामले की सुनवाई की। साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सोनी गिहार और उसके प्रेमी गुड्डू को आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई है। हत्या के बाद से दोनों जेल में हैं। शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि बीएनएस के तहत जिला एवं सत्र न्यायालय में पहली बार हत्या के मामले में सजा सुनाई गई है। यह एक ऐतिहासिक फैसला है।

    हत्या कर दौरा पड़ने से तख्त से गिरकर मौत की रची थी कहानी

    पुलिस को गुमराह करने के लिए सोनी और उसके प्रेमी गुड्डू ने कहानी गढ़ी थी। सोनी ने बताया था कि बेटे जतिन को दौरा पड़ता है। 29 जुलाई को तड़के उसे अचानक दौरा पड़ गया था। इससे उसे तख्त पर लिटाकर वह पानी लेने अंदर गई थी। इतनी देर में वह तख्त से नीचे गिरने से जतिन को चोट लग गई। पुलिस ने जब पोस्टमार्टम कराया, तो उसकी गर्दन, सिर और नाजुक अंगों में भी चोट के निशान मिले। गर्दन दबाने से मौत की पुष्टि के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

    कपड़ों में मल-मूत्र त्यागने पर कर डाली हत्या

    दिवंगत जतिन पैर से दिव्यांग होने के साथ मानसिक रूप से भी बीमार था। वह अक्सर कपड़ों में ही मल-मूत्र त्याग देता था। इससे कपड़ों की सफाई और बिस्तर धुलने के कारण सोनी परेशान रहती थी। गुड्डू अक्सर शराब के नशे में जतिन की पिटाई भी करता था। हत्या वाली रात जतिन ने बिस्तर में गंदगी कर दी थी। इससे सोनी और गुड्डू ने हमेशा जतिन से छुटकारा पाने के लिए उसकी हत्या कर दी। बहन जानवी ने पुलिस को पूरी बात बताई थी। इससे हत्याकांड में जानवी की गवाही भी महत्वपूर्ण मानी गई।

    यह भी पढ़ें- Online Gaming App के नाम पर फर्जीवाड़ा, हर खेलने वाला हारता, गिरफ्तार 10 साइबर ठग ने खोले राज