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    जीएसटी दरों में राहत से भरपूर कारोबार की उम्मीद, दीपावली पर दोहरे उपहार से उत्साहित कानपुर के कारोबारी

    By rajeev saxena Edited By: Anurag Shukla1
    Updated: Sun, 17 Aug 2025 07:32 PM (IST)

    स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी की जीएसटी दरों में राहत की घोषणा से कानपुर के कारोबारी उत्साहित हैं। टैक्स स्लैब कम होने से आम उपभोक्ता की जरूरी और लग्जरी वस्तुओं की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। मर्चेंट्स चैंबर के अनुसार 12 प्रतिशत के ज्यादातर सामान 5 प्रतिशत के स्लैब में आ जाएंगे जिससे कीमतें कम होंगी।

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    दीपावली से पहले दोहरे उपहार की घोषणा से कारोबारी को राहत की उम्मीद।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दीपावली से पहले जीएसटी के दोहरे उपहार की घोषणा से कारोबारी खुद को अभी से जीएसटी की तमाम उलझनों से मुक्त महसूस कर रहा है। कारोबारी उत्साहित हैं कि जीएसटी की दरों में राहत त्योहार के मौके पर अच्छा कारोबार कराएगी। नवरात्र की शुरुआत भी सितंबर में है और जीएसटी बोर्ड की बैठक भी सितंबर में होनी है, इसलिए त्योहार पर इसका पूरा लाभ मिलेगा। वहीं, टैक्स सलाहकारों का कहना है कि टैक्स की स्लैब कम होने से आम उपभोक्ता की जरूरी के साथ लग्जरी वस्तुओं की भी बिक्री बढ़ेगी।

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    प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद टैक्स सलाहकार, उद्यमी और कारोबारी सभी अपने-अपने आकलन लगाने में जुट गए हैं। मर्चेंट्स चैंबर की जीएसटी कमेटी के सलाहकार धर्मेन्द्र श्रीवास्तव के मुताबिक अभी पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत टैक्स के चार स्लैब हैं। अब पांच और 18 प्रतिशत का स्लैब रहने की बात कही जा रही है।

    12 प्रतिशत के 90 प्रतिशत से ज्यादा सामान पांच प्रतिशत के स्लैब में आ जाएंगे। 12 प्रतिशत में बचे बाकी सामान को 18 प्रतिशत में लाया जा सकता है। इससे आम उपभोक्ता को जरूरी वस्तुएं पांच प्रतिशत टैक्स पर मिलेंगी जिससे उनकी कीमतें कम होंगी। इसी तरह 28 प्रतिशत वाले स्लैब को 18 प्रतिशत में लाने की बात है। इससे कार, एसी आदि वस्तुओं का टैक्स 10 प्रतिशत तक कम हो सकता है। सितंबर में जीएसटी बोर्ड की बैठक है, इसलिए बैठक के बाद सितंबर में ही इन घोषणाओं को लागू किया जा सकता है।

    कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता के मुताबिक टैक्स स्लैब घटने से आम ग्राहकों, उद्यमियों, व्यापारियों और टैक्स सलाहकार सभी को आसानी होगी और लाभ मिलेगा। जीएसटी पंजीयन में कारोबार की सीमा को भी बढ़ाया जा सकता है। अभी यह सीमा 40 लाख रुपये है।

    उद्यमी सुशील शर्मा ने इसे स्वागत योग्य घोषणा बताया। उनके मुताबिक यह साफ संकेत दिया गया है कि जीएसटी की दरें कम की जा सकती हैं। इससे एमएसएमई इकाइयों को तुरंत लाभ होगा और महंगाई भी रुकेगी। साथ ही फाइटर जेट के इंजन भारत में विकसित करने की बात कही गई है, वह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

    भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री की घोषणा से साफ है कि यह दीपावली कारोबारियों और ग्राहकों के लिए अच्छी होने जा रही है। कारोबारी और उद्यमी तमाम विसंगतियों में फंसते हैं, इन्हें आसान किया गया तो उन्हें काम करना आसान होगा।