Hello Doctor: इस मौसम में बार-बार बुखार खतरनाक, स्वाद और गंध क्षमता हो सकती खत्म, बरतें ये सावधानी
Hello Doctor बरसात के मौसम में बच्चों में डेंगू मलेरिया टाइफाइड और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है। बार-बार बुखार आने पर स्वाद और गंध क्षमता प्रभावित हो सकती है। डाक्टरों ने बच्चों को सुरक्षित पानी मच्छरों से बचाव संतुलित भोजन और बिना सलाह दवा न देने की सलाह दी है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। वर्षा और बदलते मौसम में बच्चों में डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, टाइफाइड, दस्त, फंगल संक्रमण और गैस्ट्रो से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कमजोर रोग प्रतिरोधक के कारण बच्चों में वायरल संक्रमण का खतरा सर्वाधिक हो रहा है। बच्चों को बार-बार बुखार आ जाता है। उनमें स्वाद और गंध क्षमता तक खत्म हो सकती है। ऐसे में बचाव जरूरी है। उनके खानपान के साथ-साथ कुछ अहम चीजों का ध्यान रखना होता है। यह बातें दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में जीएसवीएम मेडिकल कालेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ प्रो. यशवंत राव ने पाठकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कही। पेश है बातचीत के मुख्य अंश...
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ प्रो. यशवंत राव। जागरण
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- पांच वर्षीय बच्चे को बार-बार बुखार आ जाता है। बच्चा कुछ भी खाने से कतराता है। क्या करें? - पुष्पा यादव, श्याम नगर।, गीता, बर्रा आठ।
- वायरल बुखार में सूंघने और स्वाद की ग्रंथि प्रभावित होती है। इसलिए स्वाद और गंध आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में जो आपको अच्छा लगे, वो खाएं। वायरल की साइकल चक्र समाप्त होने के बाद यह समस्या स्वत: ही समाप्त हो जाती है। इससे घबराए नहीं। तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें और चाय और काफी का सेवन कम करें।
- मेरी बेटी को पिछले कई दिन से लगातार खांसी, छींक और जुकाम की समस्या है। रात में बुखार भी आ जाता है? - शैली कुशवाहा, साकेत नगर।, अशोक कुमार सिंह, जूही।
- वायरल बुखार में घबराएं नहीं, सतर्क रहें और डाक्टर की सलाह पर उपचार कराएं। खुद से बच्चों को दवाएं नहीं खिलाएं। जुकाम होने पर भाप लेकर बच्चों को सुलाएं। खाने में ताजा और घर में बना भोजन खिलाएं। वायरल बुखार में कुछ खाने का मन नहीं होता है। ऐसे में बच्चों का जो मन हो, उसे वो खिलाएं। पर्याप्त नींद और पर्याप्त मात्रा में पानी का प्रयोग करके बच्चों वायरल संक्रमण का बचा सकते हैं।
- डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड से कैसे बचें? - माया रावत, नानकारी।
- यह बीमारियों मच्छर के काटने से होती है। इसलिए बच्चों को मच्छरों से बचाएं। बच्चों को पूरी बांह के कपड़े पहनाएं। संतुलित भोजन का प्रयोग कराएं। डेंगू का मच्छर सूर्य अस्त होने के बाद काटता है। इसलिए उस समय बच्चों का विशेष ख्याल रखें। घर के आस-पास मच्छरों का एकत्र नहीं होने दें। वर्षा के मौसम में बच्चों को उबला हुआ पानी ठंडा करके ही खिलाएं। बाजार में बिकने वाले कटे फल के सेवन से बचाएं।
- वायरल संक्रमण के इस सीजन में बच्चों की सुरक्षा कैसे करें। क्या उनको मास्क पहनाकर स्कूल भेजा जाना ठीक रहेगा? - आरोही गुप्ता, बर्रा।, सुनील पांडेय, नौबस्ता।
- वायरल संक्रमण गले में जाने पर सूजन करता है, पीने के पानी के साथ वायरस जाने पर पेट से जुड़ी बीमारी पैदा करता है। भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से पहले मास्क लगाएं। कुछ भी खाने से पहले हाथ को साबुन से धोएं। शुद्ध खान-पान और स्वच्छ पानी पीने की आदत डालें।
- मेरा भतीजा 10 वर्ष का है। उसे 10-12 दिन से बुखार है। खाना नहीं खाता है। सुस्त रहता है? - नरेश, पी रोड।
- इस समय वायरल बुखार के कारण कई वायरस का शरीर में अटैक करता है। जिस कारण कई प्रकार की समस्या सामने आ रही है। अगर खाना नहीं खा रहा है, तो बाल रोग चिकित्सालय में जरूर दिखा लें। यह गंभीरता का लक्षण है। वायरल संक्रमण में ओआरएस घोल की मात्रा देते रहे। तरल पदार्थ और बच्चे को जो पसंद आए वो खिलाएं।
- मेरा बेटा जहां पर कोचिंग के लिए जाता है। वहां पर कई लोगों को चेचक की समस्या है। ऐसे में उसकी सुरक्षा कैसे करें? - कीर्ति शुक्ला, शिवाला।
- घबराए नहीं, चेचक कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए नुकसानदायक होता है। आप बच्चों का वैक्सीनेशन जरूर कराएं। इससे बच्चों को भविष्य में चेचक होने का खतरा नहीं रहेगा। चिकनपाक्स से घबराए नहीं, यह सामान्य लक्षणों के साथ आता है। इसलिए अगर किसी को चिकनपाक्स हो गया है। उसका खान-पान बेहतर करें।
- टाइफाइड का शुरुआती लक्षण क्या है। इससे कैसे बचाव करें? - अफसार अहमद, विजय नगर।
- टाइफाइड में बुखार पहले दिन कुछ हल्का और पांच से छठवें दिन तेज बुखार आता है। इसमें खून की जांच के बाद ही टाइफाइड की पुष्टि होती है। इसलिए टाइफाइड के लक्षण दिखने पर बिना देरी किए डाक्टर को दिखाएं। लगातार बुखार आने पर बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह पर ही इलाज कराएं। खुद से इलाज बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है।
- मेरी बेटी को एक सप्ताह से खांसी और बुखार है। क्या करें? - तुलसी राम कुशवाहा, यशोदा नगर।
- अगर दिन और रात में खांसी की समस्या है तो यह एलर्जिक समस्या हो सकती है। इसके लिए धूल और नमी वाले वातावरण से बचें। फेफड़े में संक्रमण के कारण ऐसा होता है। इसलिए एक बार बाल रोग चिकित्सालय में दिखा लें।
- सर्दी, जुकाम और बुखार में खाने में क्या परहेज करें? - शिव कुमार पांडेय, कल्याणपुर।
- सर्दी, जुकाम और बुखार में फ्रीज वाले खाद्य पदार्थ के सेवन से बचें। बाकी खाने में सब कुछ खा सकते हैं। खाने में कोई परहेज नहीं करें। हर फल और अनाज शरीर के लिए उपयोगी है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है।
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इन्होंने भी किए प्रश्न
देवेंद्र कुमार शर्मा, गुजैनी। विजय कांत गुप्ता, कल्याणपुर। प्रशांत सैनी, विनायकपुर। सीता शुक्ला लालबंगला। सीमा जैन बिरहाना रोड। प्रियंका शुक्ला, जरौली। कमलेश कुमार द्विवेदी, विनायकपुर। आराध्या कटियार। वेद प्रकाश गुप्ता, बारा सिरोही।
इन बातों का रखें ख्याल
- बाजार में बिकने वाले रंगीन पेय और दूषित भोजन से बचें।
- पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद ही पिएं।
- बासी भोजन खाने से बचें।
- भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से पहले मास्क लगाएं।
- फास्ट फूड कल्चर से बचें।
- मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- शाम के समय मच्छरों के काटने का खतरा सर्वाधिक रहता है। इससे बचाव करें।
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