UP के इस शहर में कोर्ट के निर्देश पर 74 में से 44 अतिक्रमण ध्वस्त, अगले आदेश तक 30 को राहत
तमकुहीराज के महुअवां बुजुर्ग गांव में प्रशासन ने ग्राम पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। उच्च न्यायालय के आदेश पर 74 में से 44 अतिक्रमण हटाए गए जबकि कुछ को मोहलत दी गई। यह कार्रवाई अहमद अंसारी की जनहित याचिका के बाद हुई जिसमें ग्रामीणों पर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण का आरोप था। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर मकानों को ध्वस्त कर दिया।

जागरण संवाददाता, तुर्कपट्टी। तमकुहीराज के गांव महुअवां बुजुर्ग में ग्रामपंचायत की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध शुक्रवार को प्रशासन की कार्रवाई के दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा। एसडीएम आकांक्षा मिश्रा के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस की मौजूदगी में 74 अतिक्रमण में से 44 ग्रामीणों के घरों पर बुलडोजर चला ध्वस्त कराया गया। 10 मकान मालिकों का मामला न्यायालय में लंबित है। 20 ऐसे लोग थे जिनके पास रहने का कोई अन्य ठिकाना नहीं था। उनको अग्रिम आदेश तक मोहलत दी गई।
महुंअवा बुजुर्ग निवासी अहमद अंसारी द्वारा चार वर्ष पूर्व उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल करके गांव के 74 ग्रामीणों द्वारा ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाया था। संबंधित मामले में 22 अगस्त 2025 को उच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश देते हुए जिलाधिकारी को दो सितंबर तक न्यायालय में आख्या प्रस्तुत करने का आदेश हुआ।
इस आदेश के बाद तहसील प्रशासन ने सभी अतिक्रमणकारियों के घर पर नोटिस चस्पा कर 28 अगस्त तक भूमि को खाली करने का निर्देश दिया गया। समय सीमा समाप्त होने पर सुबह 10 बजे एसडीएम मिश्रा, सीओ डा. अजय कुमार सिंह, नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा पुलिस टीम एवं राजस्व कर्मियों के साथ गांव पहुंचे और सार्वजनिक भूमि पर बने मकानों को बुलडोजर चलवा ध्वस्त करा दिया।
इस दौरान गांव के हर कोने पर पुलिस तैनात रही। कानूनगो अयोध्या प्रसाद, प्रमोद यादव, रविकांत कुशवाहा, संतोष गुप्ता सहित दर्जन भर लेखपाल मौजूद रहे।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर महुअवा बुजुर्ग में 74 ग्रामीणों मे प्रथम दृष्टया जो पात्र हैं उन्हें बेदखल किया गया है। न्यायालय में जिन्होंने अपील की और जो भूमिहीन हैं, उनको अग्रिम आदेश तक राहत दी गई है।
-आकांक्षा मिश्रा, एसडीएम तमकुहीराज
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