Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    SIR in UP: उत्तर प्रदेश में SIR फार्म भरने की की तारीख बढ़ी, अब 11 तक जमा कर सकेंगे फार्म

    By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sun, 30 Nov 2025 01:46 PM (IST)

    SIR In UP: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समय सीमा बढ़ गई है। समय सीमा बढ़ाने का फैसला बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के लिए बड़ी राहत होगी जिन्होंने अभी तक गिनती के फॉर्म जमा करने और उन्हें डिजिटाइज करने का काम पूरा नहीं किया है।

    Hero Image

    चार और पांच दिसंबर को नहीं 11 दिसंबर फॉर्म भरने की अंतिम तिथि निर्धारित

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एसआईआर का फॉर्म लिस्ट से कटने वालों का भय अब समाप्त होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग ने विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची अपडेट करने की तारीख बढ़ा दी है। अब चार और पांच दिसंबर को नहीं 11 दिसंबर फॉर्म भरने की अंतिम तिथि निर्धारित की है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान चल रहा है। चुनाव आयोग ने गणना प्रपत्र जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब चार के बजाय 11 दिसंबर तक गणना प्रपत्र जमा होंगे। जिससे नागरिकों को अधिक समय मिल सके। 

    इसी प्रकार अब नौ के बदले 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी। 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक दावे व आपत्तियां मांगी जाएंगी। सभी दावों–आपत्तियों का निस्तारण सात फरवरी 2026 तक और मतदाता सूची की रिपोर्ट 10 फरवरी तक भेजनी होगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा। एसआईआर संशोधन 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। 

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर आयोग ने बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण चरणों की तिथियां सात दिन आगे बढ़ा दी हैं। अब गणना फार्म दाखिल करने और संबंधित कार्यों की समयसीमा चार दिसंबर की जगह 11 दिसंबर कर दी गई है। बदलाव आयोग के 27 अक्टूबर 2025 के पुराने आदेश को संशोधित करते हुए लागू किया गया है।

    एसआईआर देश उत्तर प्रदेश के साथ ही 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल—में जारी है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों का पुनर्व्यवस्थापन अब 11 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा।

    बदले हुए कार्यक्रम में चुनाव आयोग ने कहा कि पोलिंग स्टेशनों को ठीक करने या फिर से व्यवस्थित करने का काम 11 दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। कंट्रोल टेबल को अपडेट करने और ड्राफ्ट रोल तैयार करने का काम 12 से 15 दिसंबर तक किया जाएगा। चुनाव आयोग के 16 दिसंबर को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल पब्लिश करने के बाद, वोटर 15 जनवरी तक अपील या आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं। इसके साथ ही, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को 16 दिसंबर से 7 फरवरी तक गणना फॉर्म पर फैसला लेने और दावों और आपत्तियों का निपटारा करने का निर्देश दिया गया है। इन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, चुनाव आयोग 12 फरवरी को सभी नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची पब्लिश करेगा।

    उत्तर प्रदेश में विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान यानी एसआइआर के अब केवल नौ नहीं 11 दिन शेष हैं। अगर अब तक आपने अपना नाम एसआइआर के तहत फार्म नही भरा है तो तत्काल कीजिए। अगर फार्म नहीं भरा तो अगली तैयार होने वाली मतदाता सूची से नाम हट जाएगा। इस गलतफहमी में नहीं रहिएगा कि 2003 या मौजूदा मतदाता सूची नाम है या नहीं। हर हाल में प्रत्येक मतदाता को फार्म भरना अनिवार्य है। चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर तक तारीख बढ़ा दी है, अगर तब तक फार्म नहीं भरा तो आगे मौका नहीं मिलेगा। प्रत्येक वोटर को हर हाल में एसआइआर की प्रक्रिया में शामिल होना है।
    लखनऊ में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अभय किशोर ने बताया कि प्रत्येक दिन बीएलओ अपने नजदीकी बूथ पर भी सुबह 11 बजे से बैठ रहे हैं। अगर घर पर नहीं पहुंचा है तो वहां पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा नजदीकी मतदाता पंजीकरण केंद्र पर भी इससे संबंधित जानकारी दी जा रही है। प्रत्येक मतदाता के घर फार्म की दो प्रतियां वितरित की जा रही हैं।
    प्रति पर मतदाता से संबंधित सूचनाएं जैसे नाम, मतदाता पहचान पत्र संख्या (इपिक नंबर), पता एवं वर्तमान मतदाता सूची के अनुसार भाग और क्रमांक संख्या भरा होगा। मतदाता को अपनी वर्तमान फोटो, जन्म तिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), पिता या अभिभावक का नाम व इपिक नंबर (वैकल्पिक), माता का नाम व इपिक नंबर (वैकल्पिक), मोबाइल नंबर जैसी मूल जानकारियां भरनी होगी। अगर किसी का नाम अगर 2003 एसआइआर सूची में शामिल नहीं है लेकिन उनके रिश्तेदार जैसे माता-पिता या दादा-दादी/ आदि का नाम शामिल है तो गणना प्रपत्र में उस रिश्तेदार का विवरण भरना होगा।