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    योगी सरकार का बड़ा फैसला- स्टांप शुल्क में छूट और रेंट एग्रीमेंट में भी राहत की घोषणा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांगजनों को स्टांप शुल्क में महिलाओं की तरह छूट देने का निर्देश दिया है। रेंट एग्रीमेंट पर भी शुल्क कम होगा। 20 हजार से अधिक के निबंधन शुल्क के लिए ई-भुगतान अनिवार्य किया गया है। संपत्तियों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार प्रमाणीकरण लागू होगा। विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।

    By hemant kumar srivastava Edited By: Shivam Yadav Updated: Fri, 29 Aug 2025 10:01 AM (IST)
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    महिलाओं की तरह भूतपूर्व सैनिकों व दिव्यांगजनों को भी मिलेगी स्टांप शुल्क में छूट

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांगजनों को भी महिलाओं की तरह स्टांप शुल्क में छूट का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेंट एग्रीमेंट पर लगने वाले शुल्क में भी छूट देने के निर्देश दिए हैं।

    संपत्तियों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार प्रमाणीकरण लागू करने और विकास प्राधिकरण के आवंटियों की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए सिंगल विंडो से ई-पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए।

    गुरुवार को स्टांप एवं पंजीकरण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच जिलों में पायलट प्रोजेक्ट से मिले सकारात्मक अनुभवों के आधार पर अब सभी जिलों में 20 हजार रुपये से अधिक के निबंधन शुल्क के लिए ई-भुगतान अनिवार्य किया जाए।

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    मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। जिससे विभाग की कार्यकुशलता और सेवा की गुणवत्ता बढ़ सके। विभाग में सब रजिस्ट्रार व लिपिकों के 350 से अधिक पद रिक्त चल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने स्टांप बेचने के अन्य विकल्पों पर विचार करने के साथ ही वेंडरों के कमीशन को तार्किक बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि दस वर्ष तक की अवधि वाले लघु व मध्यम वर्ग के किराये नामें पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाए।

    मुख्यमंत्री के रुख पर विभाग दो लाख रुपये सालाना रेंट होने की दशा में 500 रुपये स्टांप ड्यूटी लेकर ही एग्रीमेंट करने की सुविधा देने पर विचार कर रहा है। पांच लाख रुपये रेंट होने पर एक हजार रुपये स्टांप शुल्क तय किया जा सकता है।

    समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2002 से 2017 तक के पंजीकृत विलेखों का 99 प्रतिशत डिजिटलाइजेशन कार्य पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में 98 प्रतिशत से अधिक निबंधन कार्य ई-स्टांप के माध्यम से हो रहे हैं।

    उप-पंजीकरण कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। बैठक के बाद विभागीय मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2006 से भूतपूर्व सैनिकों व दिव्यांगजनों को 20 लाख रुपये तक की संपत्ति पर ही स्टांप ड्यूटी से छूट मिल रही है।

    चूंकि संपत्तियों का मूल्य काफी बढ़ गया है इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल्द ही छूट की सीमा को बढ़ाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी में छूट देने का निर्णय किया गया था। इससे पहले महिलाओं को 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर ही छूट मिल रही थी।