Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अमेरिकी टैरिफ से मुकाबला- यूरोप के बाजार पर टिकी उत्तर प्रदेश के निर्यातकों की नजर, निर्यात को बढ़ावा मिलना तय

    उत्तर प्रदेश के निर्यातक अमेरिका के 50% टैरिफ से निपटने के लिए यूरोपीय बाजारों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार समझौते के कारण स्विट्जरलैंड नॉर्वे और आयरलैंड जैसे देशों में निर्यात बढ़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार नई निर्यात नीति में संशोधन कर रही है ताकि निर्यातकों को रियायतें दी जा सकें और यूरोपीय देशों में निर्यात को बढ़ावा मिले।

    By Manoj Kumar Tripathi Edited By: Shivam Yadav Updated: Fri, 29 Aug 2025 10:06 AM (IST)
    Hero Image
    यूरोप के बाजार पर टिकी उत्तर प्रदेश के निर्यातकों की नजर

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के निर्यातकों ने अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ का तोड़ निकालना शुरू कर दिया है। भारत-यूरोपियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर हस्ताक्षर होने के बाद निर्यातकों ने अब स्विटजरलैंड, नार्वे व आयरलैंड जैसे यूरोपीय देशों के बाजार का अध्ययन शुरू कर दिया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    एफटीए के तहत पहली अक्टूबर से यूरोपीय देशों के साथ निर्यात को बढ़ावा मिलना तय है। इसी वजह से निर्यातकों ने अभी से अमेरिकी बाजार को छोड़कर यूरोपीय देशों के बाजार तक विभिन्न उत्पाद पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।

    फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (एफआइईओ) की रिपोर्ट के अनुसार आगरा, कानपुर, भदोही व मुरादाबाद सहित कई जिलों से चर्म, कपड़ा,कालीन, कांच, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रानिक्स व इलेक्ट्रिकल, मीट व मीट के उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट, फुटवियर, कालीन, लोहे व स्टील के उत्पाद, वाहनों के पुर्जे, फर्नीचर व जेम्स व ज्वेलरी का सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका को किया जाता है।

    पिछले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश से अमेरिका को 35,545 करोड़ रुपये के विभिन्न उत्पादों का निर्यात किया गया था। इसके अलावा यूके, जर्मनी, नेपाल, आास्ट्रिया, फ्रांस, नीदरलैंड, स्पेन, इटली, वियतनाम, सउदी अरब, मलेशिया, इंडोनेशिया, मैक्सिको, ईराक को भी उत्तर प्रदेश से उत्पादों का निर्यात किया गया था।

    निर्यातकों की राय लेकर राज्य सरकार ने भी नई निर्यात नीति में कई संशोधन करने शुरू कर दिए हैं। नई निर्यात नीति का ड्राफ्ट तैयार है, लेकिन अमेरिकी टैरिफ के चलते अब नए सिरे से नीति में कई सुविधाएं निर्यातकों को उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

    सरकार की कोशिश है कि विशेष रियायतों के साथ यूरोपीय देशों के अलावा रूस व यूके में निर्यात को बढ़ावा दिया जाए। फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर बताते हैं कि निर्यातकों के लिए यूरोपीय देशों के बाजार नया अवसर हैं।

    सरकार साथ देगी तो राज्य के निर्यातकों के लिए यह अच्छा मौका साबित हो सकता है। क्योंकि लेदर, फुटवियर व ओडीओपी उत्पादों की मांग पहले से ही यूरोपीय देशों में है।