Updated: Fri, 29 Aug 2025 07:00 PM (IST)
महोबा में अत्यधिक बारिश से फसल बर्बाद होने और कर्ज के बोझ से परेशान किसान ने आत्महत्या कर ली। मृतक किसान कमलेश यादव के पास एक बीघा जमीन थी और उसने पांच बीघा जमीन बटाई पर भी ली थी। भारी बारिश के कारण उसकी मूंगफली उड़द और मूंग की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी जिसके कारण वह आर्थिक रूप से टूट गया था।
जागरण संवाददाता, महोबा। अतिवृष्टि से मूंगफली, उर्द और मूंग की फसल बर्बाद होने व कर्ज के बोझ से परेशान किसान ने पहाड़ पर जाकर पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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वहीं इस मामले में चरखारी तहसीलदार आरएन मिश्रा ने बताया कि लेखपाल को भेजकर मौके पर जांच कराई गई है। किसान बीमार रहता था, फसल क्षति का सर्वे हो चुका है, जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा। थाना चरखारी के ग्राम छेदीमऊ निवासी 36 वर्षीय कमलेश यादव ने पहाड़ पर जाकर पेड़ से तौलिया के फंदे से लटकर अपनी जान दे दी।
दिवंगत के भाई कालका ने बताया कि उसके भाई के पास केवल एक बीघा जमीन थी और वह खेती के साथ मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। इसके साथ ही वह पांच बीघा जमीन बटाई पर लेकर खेती भी करता था, लेकिन इस साल हुई अधिक बारिश के कारण उसकी मूंगफली, उर्द, मूंग आदि की पूरी फसल नष्ट हो गई।
उसके ऊपर स्वयं सहायता समूह का पचास हजार व साहूकारों का करीब एक लाख का कर्ज था। वह इसे लेकर परेशान रहता था। भाई कालका ने बताया कि वह गुरुवार की शाम ग्राम गोरखा बाल कटवाने की बात कहकर निकला था। देर शाम तक जब वह नहीं लौटा तो खोजबीन की।
उसकी साइकिल पहाड़ के पास खड़ी देखकर पुत्र सूरज उसे ढूंढ़ने निकला तो उसने पिता को पेड़ पर फंदे से लटका हुआ देखा। इसकी सूचना ग्रामीणों और स्वजन को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और शुक्रवार को उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
च रखारी तहसीलदार आरएन मिश्रा ने बताया कि लेखपाल को भेजकर मौके पर जांच कराई गई है। कमलेश बीमार रहता था और इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। फसल क्षति का सर्वे हो चुका है, परिवार को शीघ्र मुआवजा दिलाया जाएगा।
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