Mau News: घटाव की ओर सरयू का जलस्तर, बोल्डर खिसकने का खतरा; सिंचाई विभाग रखे हुई है पूरी तरह से नजर
सरयू नदी का जलस्तर तेज़ी से घट रहा है जिससे तटवर्ती इलाकों में कटाव का खतरा बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में 20 सेमी की गिरावट आई है और जलस्तर 69.10 मीटर पर पहुँच गया है। भारत माता मंदिर के पास बोल्डर खिसकने का खतरा है और सिंचाई विभाग स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है।

जागरण संवाददाता, दोहरीघाट (मऊ)। सरयू नदी का जलस्तर काफी तेजी गति से घट रहा है। इसकी वजह से तटवर्ती भूमि पर कटान का खतरा बढ़ रहा है। बंधों पर दबाव बढ़ने के साथ ही भारत माता मंदिर के पास बैकरोलिंग हो रही है। इससे बोल्डरों के खिसकने का खतरा मंडरा रहा है। नदी के जलस्तर में बीते 24 घंटों में 20 सेमी की कमी आई है। इसके बाद भी लहरें उफान पर है। नदी के जलस्तर में 75 सेमी कमी आने की वजह से 69.10 मीटर पर आ गया है, जबकि नदी का खतरा बिंदु गौरीशंकर घाट स्थित मीटर गेज पर 69.90 मीटर अंकित किया गया है।
जलस्तर पर नजर डाले तो गुरुवार को 69.30 मीटर पर था। यह शुक्रवार को घटकर 69.10 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर में हो रहे घटाव के साथ ही तटवर्ती परमहंस बाबा कुटी और सरहरा पूरवे में कटान का खतरा बढ़ गया है। नवली में बने रिंगबांध पर बने निर्माणाधीन ठोकरों व स्परों पर सरयू का दबाव बढ़ता जा रहा है। साथ ही सरयू के इस रौद्र रूप को देखर तटवर्ती क्षेत्र के लोगों दहशत में है।
हालांकि, जलस्तर घटने से मैदानी इलाकों में फैला बढ़ा का पानी अब उतरने लगा है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन नदी की तेज रफ्तार से मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं शवदाह स्थल के नीचे नदी की लहरें पत्थरों से टकरा रही हैं। इससे बोल्डरों के खिसकने व कटान की संभावना को लेकर सिंचाई विभाग सतर्क है। सिंचाई विभाग की तरफ से पूरी तरह से कटान पर नजर रखी जा रही है। नदी के उतार-चढ़ाव से स्थिति भयावह हो जाती है।
नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से काफी नीचे आ गया है। जलस्तर घटने की वजह से कटान का खतरा रहता है। इसको ध्यान में कटानरोधी कार्य किया गया है। इसके बाद भी तटवर्ती क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है।- मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी, मऊ
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